" /> निजी प्रयोशाला में कोरोना जांच में लूट पर सरकार ने लगाई लगाम

निजी प्रयोशाला में कोरोना जांच में लूट पर सरकार ने लगाई लगाम

राज्य में कोरोना टेस्ट का खर्च हुआ आधा

*पहले ₹4,500
अब ₹2,200*

राज्य में निजी प्रयोगशालाओं में किए गए कोरोना परीक्षणों की होनेवाली लूट पर सरकार ने लगाम लगा दी है। राज्य में कोरोना जांच की अधिकतम दर अब 2,200 रुपए होगी और एक मरीज के घर पर जाकर सेंपल लेने पर यह दर 2,800 रुपए होगी। आम जनता के हित को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। यह एलान स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने किया। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग द्वारा चार सदस्यीय समिति का गठन किया गया था।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि समिति ने सरकार को एक रिपोर्ट सौंपी है और उनकी सिफारिशों के अनुसार दरें तय की गई हैं। समिति ने निर्धारित समय में रिपोर्ट सौंप दी है, जिसके कारण आम जनता को राहत मिलेगी। गत 2 जून को स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डॉ. प्रदीप व्यास द्वारा समिति की गठन की घोषणा की गई थी।
इस बारे में अधिक जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री टोपे ने कहा कि राज्य में निजी प्रयोगशालाएं कोरोना परीक्षण के लिए 4,500 रुपए ले रही थीं और घर जाकर सैंपल लेने के लिए पीपीई किट का उपयोग करने पर 5,200 रुपए का शुल्क लिया जाता था। हालांकि, समिति के अध्ययन और निष्कर्षों के आधार पर राज्य में अधिकतम 2,200 रुपए अब कोरोना टेस्ट के लिए और घर परीक्षण के लिए 2,800 रुपए का शुल्क निर्धारित किया गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इतना कम शुल्क देश में किसी जगह पर नहीं है। उन्होंने कहा कि इस दर निर्धारण से आम आदमी को राहत मिलेगी।

महाराष्ट्र में कोरोना की सबसे अधिक जांच

देश में कोरोना परीक्षणों की संख्या महाराष्ट्र में सबसे अधिक है। वर्तमान में, कोरोना जांच के लिए राज्य में 53 सरकारी और 42 निजी प्रयोगशालाएं हैं। अब तक 6 लाख 24 हजार 977 नमूनों का परीक्षण किया गया है, जिनमें से 1 लाख 01 हजार 141 नमूने सकारात्मक (16.18 प्रतिशत) आए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ज्यादातर परीक्षण मुंबई में किए गए थे। उन्होंने कहा कि राज्य में आईसीएमआर दिशानिर्देशों के अनुसार परीक्षण किए जा रहे थे और इसमें किसी भी प्रकार का कोई समझौता नहीं किया जा रहा रहा है। ऐसा टोपे ने स्पष्ट किया।