निरुपम की ‘सत्यनारायण कथा’, निरुपम से नाराज खेमा

मिलिंद देवरा, नसीम खान, कृपाशंकर सिंह, प्रिया दत्त, कामत खेमा।
आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरुपम द्वारा मुंबई कांग्रेस कार्यालय में कराई गई सत्यनारायण कथा राजनीतिक गलियारे में चर्चा का विषय बना हुआ है। पंडित जवाहरलाल नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी, राजीव गांधी तक कांग्रेस के नेता वैज्ञानिक दृष्टिकोण के थे। ऐसी स्थिति में संजय निरुपम की सत्यनारायण कथा कांग्रेस पार्टी के लिए नहीं हो सकती है। निरुपम की यह कथा अपने मनपसंद की लोकसभा सीट को पाने के लिए हो सकती है क्योंकि कांग्रेस के पूर्व मंत्री मिलिंद देवरा ने निरुपम के खिलाफ सार्वजनिक तौर पर बयान दिया है। इतना ही नहीं, देवरा ने तो निरुपम के कारण मुंबई कांग्रेस में चल रही गुटबाजी से तंग आकर लोकसभा चुनाव ल़ड़ने से इंकार कर दिया है। देवरा ने अपना यह पैâसला पार्टी हाईकमान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी तक को बता दिया है। देवरा का निरुपम के खिलाफ इस सार्वजनिक बयान से मुंबई कांग्रेस में हड़कंप मच गया है। मिलिंद देवरा के अलावा कांग्रेस नेता व पूर्व सांसद प्रिया दत्त, निरुपम के चलते कांग्रेस में चल रही गुटबाजी के कारण पहले ही लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा कर चुकी हैं। पूर्व मंत्री नसीम खान ने तो कांग्रेस कमेटी की बैठक में निरुपम के कारण कांग्रेस पार्टी को होनेवाली क्षति का मुद्दा पिछले दिनों उपस्थित किया था। पूर्व मंत्री कृपाशंकर सिंह और निरुपम के बीच छत्तीस का आंकड़ा है। निरुपम के कारण वे मुंबई कांग्रेस कार्यालय में जाना भी उचित नहीं समझते हैं। बता दें कि मुंबई मनपा चुनाव में एकाध वॉर्ड छोड़कर किसी भी कांग्रेस उम्मीदवार का प्रचार तक कृपा ने नहीं किया था। कांग्रेसी नेता गुरुदास कामत के निधन के बाद भी कामत खेमे ने निरुपम के विरुद्ध मुहिम चला रखी है। कांग्रेस के उक्त नेताओं के अलावा कांग्रेस के आम कार्यकर्ता भी निरुपम को पसंद नहीं कर रहे हैं। इस स्थिति में निरुपम ने अपनी लोकसभा सीट पाने और मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष पद की कुर्सी बचाए रखने के लिए मुंबई कांग्रेस कार्यालय में सत्यनारायण कथा कराई है, ऐसी राजनीतिक गलियारे में चर्चा है।