" /> निर्भया के दरिंदों को सूली पर चढ़ाने का रास्ता साफ

निर्भया के दरिंदों को सूली पर चढ़ाने का रास्ता साफ

-दोषियों ने सभी कानूनी विकल्पों का किया इस्तेमाल
-राष्ट्रपति ने खारिज की अंतिम याचिका
-कोर्ट कभी भी जारी कर सकती है नया डेथ वारंट 

निर्भया कांड के दोषी पवन गुप्ता की दया याचिका को भी राष्ट्रपति ने खारिज किया। इनकी लंबित याचिका के चलते ही तीन मार्च को होने वाली फांसी टली थी। अब सभी दोषियों के कानूनी और संवैधानिक विकल्प खत्म हो चुके हैं। निचली अदालत अब से 14 दिन बाद की कोई भी तारीख फांसी के लिए तय कर सकती है। राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका खारिज होने के बाद अब सभी चारों दोषियों को एक साथ होने वाली फांसी का रास्ता पूरी तरह से साफ हो गया है। दोषियों ने बचने के लिए सभी कानूनी प्रक्रियाओं का इस्तेमाल कर लिया है। उनका अपराध ही इतना घिनौना था जिससे उन्हें हर जगह से निराशा हाथ लगी। कयास लगाने शुरू हो गए हैं कि अब इसी माह चारों दोषियों को कभी भी फांसी हो सकती है। कोर्ट की मुकर्रर अगली तारीख पर सभी दोषियों को सूली पर चढ़ा दिया जाएगा। कोर्ट कभी भी नया डेथ वारंट जारी कर सकता है। दोषियों के वकील के पास अब बचाव की कोई दलीलें नहीं बची। राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका खारिज होने के साथ ही तिहाड़ जेल में प्रशासन ने फंसी की अंतिम तैयारी शुरू कर दी। हालांकि तैयारी पहले ही हो चुकी हैं। लेकिन मंगलवार के बाद तिहाड़ जेल में हलचल तेज हो गई हैं। दोषियों को जब पता चला कि पवन गुप्ता की भी दया याचिका राष्ट्रपति ने खारिज कर दी है, तभी से उनके बैरक में सन्नाटा पसरा हुआ है। चारों दोषी मौत को सामने खड़ा देख सहम गए हैं। कोई किसी से बात भी नहीं कर रहा। दोषियों को रोजाना शाम चार बजे चाय और ब्रेड दिया जाता है। लेकिन मंगलवार को उन्हें वह भी नहीं खाया। उनके चेहरों के होश उड़ गए हैं। राष्ट्रपति से निराशा हाथ लगने के बाद दोषियों के जीवन की उल्टी गिनती शुरू हो गई।