निशाने पर गणतंत्र!, पहली साजिश फेल

दुनिया का सबसे बड़ा गणतंत्र हिंदुस्थान हमेशा से पाकिस्तानी आईएसआई और उसके द्वारा पोषित आतंकियों के निशाने पर रहा है। मगर जब भी २६ जनवरी या १५ अगस्त जैसे राष्ट्रीय पर्व आनेवाले होते हैं, ये आतंकी देश को दहलाने की साजिश रचने से नहीं चूकते। इस बार भी ऐसी ही एक साजिश रची गई थी जिसे एनआईए ने फेल कर दिया है। वैसे गणतंत्र दिवस को आने में अभी ३ सप्ताह बाकी हैं और हो सकता है कि आनेवाले दिनों में किसी âूसरी साजिश का भी पर्दाफाश हो। यूपी के अमरोहा से गिरफ्तार आइसिस मॉड्यूल के चार आतंकियों से पूछताछ में पता चला है कि इन लोगों ने आगामी गणतंत्र दिवस के दिन दिल्ली को दहलाने की तैयारी की थी।
आइसिस की तर्ज पर बने इस संगठन ‘हरकत-उल-हर्ब-ए-इस्लाम’ के आतंकियों ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आतंकी मुफ्ती सुहैल ने कुबूल किया है कि इस मिशन के लिए रॉकेट लांचर और बम अमरोहा में तैयार कर दिल्ली में जमा किया जाना था। इससे पहले ही २६ दिसंबर को एनआईए और एटीएस की टीम ने अमरोहा में छापामारी कर आतंकियों के मंसूबों को धराशायी कर दिया। मुफ्ती सुहैल के अनुसार वह २६ जनवरी को दिल्ली में एक साथ कई हमले करने की फिराक में था। इसके लिए वह जल्द से जल्द पुरानी दिल्ली और एनसीआर में रहनेवाले अपने खास परिचितों के यहां गोला बारूद, रॉकेट लांचर व अन्य हथियार जमा करने में लगा था।
उसके मिशन के बारे में किसी को भनक न लगे, इसके लिए ही उसने दिल्ली के जाफराबाद स्थित अपना घर छोड़कर अमरोहा को ठिकाना बनाया। यह तथ्य रिमांड पर चल रहे सुहैल से पूछताछ में एनआईए के हाथ लगे हैं।
आतंकियों ने आगामी २६ जनवरी को दिल्ली को दहलाने की साजिश रची थी पर एनआईए ने इन आतंकियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। यह खुलासा अमरोहा से गिरफ्तार आतंकी मुफ्ती सुहैल ने पूछताछ में किया है। अमरोहा में विस्फोटक और अवैध हथियार बनाने व उन्हें दिल्ली तक पहुंचाने में सुहैल, इरशाद व सगे भाई सईद तथा अनीस का सहयोग ले रहा था। उसके संपर्क में जिले के कुछ अन्य युवक भी थे। जल्द ही उनसे भी पूछताछ की जा सकती है।
एनआईए से जिला पुलिस के अफसरों को मिले संकेतों के मुताबिक बरामद तमंचों के पुर्जों से सुहैल घातक हथियार तैयार करने की फिराक में था। एनआईए टीम इस बात की पुष्टि करने में भी लगी है कि सुहैल के अलावा पकड़े गए उसके सहयोगियों को उसके मिशन के बारे में पूरी जानकारी थी या नहीं। हालांकि मोबाइल व इंटरनेट के जरिए उसके तार जम्मू कश्मीर में सक्रिय आतंकियों से जुड़े थे। इसी नेटवर्क पर नजर जमाए आईबी के हाथ कुछ अहम तथ्य लग गए जिनकी पड़ताल करते हुए एनआईए के हाथ सुहैल की गर्दन तक पहुंच गए। मुफ्ती सुहैल आइसिस जैसा आतंकी संगठन हिंदुस्थान में खड़ा करना चाह रहा था। वह अपने संगठन को ‘हरकत-उल-हर्ब-ए-इस्लाम’ का नाम देकर युवकों को जोड़ रहा था। एनआईए सूत्रों के मुताबिक आइसिस हिंदुस्थान के मुस्लिमों पर ज्यादा भरोसा नहीं करता इसलिए वह उसके जैसा खुद का आतंकी संगठन खड़ा करने की तैयारी कर रहा था। अब तक हुई पूछताछ में मुफ्ती सुहैल के पिछले महीने हिंदुस्थान में घुसपैठ करनेवाले अफगान आतंकी जाकिर मूसा से किसी प्रकार के संबंध होने की पुष्टि नहीं हुई है।