नेताओं की गुहार बगलामुखी करो बेड़ा पार

– नलखेड़ा बगलामुखी मंदिर में नेताओं की भीड़
– मांग रहे हैं जीत का आशीर्वाद
– पूजा-हवन की बुकिंग हाउसफुल
– कई केंद्रीय मंत्री-सांसद ले चुके दर्शन

आमचुनावों की रणभेरी बज चुकी है और हर हाल में जीत हासिल करने के लिए प्रत्याशी एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। मतदाताओं के पीछे गली-गली, द्वारे-द्वारे घूम रहे नेताजी जीत पर मुहर लगवाने के लिए शक्तिपीठों में मत्था टेकने में भी पीछे नहीं हैं। इसके कारण नेताओं की भीड़ से शक्तिपीठ में भी गहमा-गहमी बढ़ी है और मंदिर के पुजारी-पंडा भी यजमानों की आमद में व्यस्त हैं। यहां पहुंचनेवाले नेताओं की मां बगलामुखी से यही गुहार है कि हे मां, इस चुनाव में किसी भी तरह बेड़ा पार करा दो!

देश में चुनावी पारा गरमाने के साथ ही मंदिरों में पूजा-पाठ में भी तेजी आ गई है। मीरा रोड के बगलामुखी मंदिर से लेकर मध्यप्रदेश के नलखेड़ा के बगलामुखी शक्तिपीठ तक नेताओं द्वारा पूजा-हवन की बुकिंग हाउस फुल हो गई है। नलखेड़ा के बगलामुखी मंदिर में भाजपा के कई केंद्रीय वैâबिनेट मंत्री व विभिन्न दलों के सांसद दर्शन-पूजन कर चुके हैं। इसके अलावा इस मंदिर में महाराष्ट्र से भी कई दिग्गज मतदान के पहले अपना किस्मत कनेक्शन दुरुस्त करने के लिए आ रहे हैं।

लोकसभा चुनाव के इस मौसम में मध्य प्रदेश के नलखेड़ा स्थित बगलामुखी मंदिर सुर्खियों में है। वहां देशभर के कई नेता चुपके से आकर मां बगुलामुखी से जीत का आशीर्वाद ले रहे हैं। यही नहीं, इस चुनावी मौसम में वहां पूजन व हवन जैसे अनुष्ठान की बुकिंग भी हाउसफुल हो चुकी है।

नलखेड़ा बगलामुखी मंदिर से जुड़े कुंदनजी ने बताया कि इस बार चुनाव के पहले नवरात्रि का आगमन हो रहा है। इस अवसर पर नेताओं ने अपने-अपने पुजारियों के द्वारा अनुष्ठान की बुकिंग करा ली है। इसी तरह मीरा रोड के बगलामुखी मंदिर के पुजारी मुकेश अग्रवाल ने बताया कि चुनाव की तिथि घोषित होने के साथ ही मौजूदा भाजपा विधायक और पूर्व महापौर व विधायकी के टिकट की इच्छुक रोजाना पूजा के लिए आते हैं। कुंदनजी ने बताया कि नेता काफी गुपचुप तरीके से यहां आ रहे हैं और दर्शन-हवन करके निकल जाते हैं। मान्यता है कि महाभारत काल में पांडवों को जीत का वरदान देनेवाली माता बगलामुखी यही हैं, जिसके कारण राजा-रंक सभी यहां अपनी मनौतियों को लेकर आते रहे हैं, जिसमें सियासी पारी खेलनेवाले नेता पीछे नहीं हैं।

पीएम-सीएम सब लगा चुके हैं गुहार
यहां के पुजारी कुंदन जी के अनुसार चुनावों में जीत के लिए पीएम-सीएम समेत कई नेता यहां आकर माता का आशीर्वाद ले चुके हैं, जिसमें नरेंद्र मोदी के भाई पंकज मोदी भी शामिल हैं। पंकज मोदी ने तीन बार नलखेड़ा आकर बगलामुखी माता का पूजा और हवन करवाया था। इसके अलावा अमर सिंह, जयाप्रदा, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, दिग्विजय सिंह, जगदंबिका पाल, राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, हेमा मालिनी आदि का नाम शामिल है।

मंदिर का पौराणिक महत्व
तीन मुखों वाली बगलामुखी त्रिशक्ति माता की प्रतीक मानी जाती हैं। यह उज्जैन से करीब १०० किलोमीटर दूर नलखेड़ा नामक स्थान में लखुंदर नदी के किनारे स्थित है। इसके बारे में उल्लेख है कि महाभारत काल में विजय प्राप्ति के लिए भगवान कृष्ण के निर्देश पर महाराज युधिष्ठिर ने इसकी स्थापना की थी। मंदिर में माता बगलामुखी की प्रतिमा के बारे में मान्यता है कि वह स्वयंभू है।