नेताओं की हत्या के खिलाफ सड़क पर उतरी भाजपा

मध्य प्रदेश में हाल के कुछ दिनों में भाजपा नेताओं की हत्या पर सियासत गरमा गई है। आक्रोशित भाजपा कार्यकर्ता कल राजधानी भोपाल में सड़कों पर उतर आए। कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार पर मामले को गंभीरता से न लेने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री कमलनाथ के पुतले पंâूके गए और उनकी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। बता दें कि एमपी में एक हफ्ते के दौरान तीन भाजपा नेताओं की हत्या हो चुकी है।
रविवार को बड़वानी में भाजपा नेता मनोज ठाकरे की हत्या के बाद बीजेपी ने कमलनाथ सरकार पर निशाना साधा था। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दो टूक कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। उन्होंने कमलनाथ सरकार को चेतावनी भी दी थी कि अगर जल्द अपराधी नहीं पकड़े गए तो भाजपा सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी। प्रदर्शन के दौरान ‘कमलनाथ मुर्दाबाद’ और ‘कमलनाथ इस्तीफा दो’ के नारे लगाए जा रहे थे। बड़वानी के एसपी ने बताया था कि रविवार को भाजपा नेता मनोज ठाकरे का शव एक खेत में मिला। पुलिस के मुताबिक वे मॉर्निंग वॉक पर गए थे। पुलिस को शव के पास खून से सना पत्थर मिला। ऐसे में माना जा रहा है कि पत्थर से उनकी हत्या की गई है।

‘जमीन की हेराफेरी में भाजपा नेताओं की हत्या’
भोपाल। मध्य प्रदेश में बीजेपी नेताओं की हत्या और हमलों पर सियासी पारा चढ़ा हुआ है। आरोप-प्रत्यारोप के बीच पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भाजपा पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा जमीनों का हेर-फेर और पैसों के लेन-देन को लेकर जो घपले हुए हैं, उस वजह से हत्या हो रही हैं। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भाजपा पर सीधा हमला करते हुए कहा इन हत्याओं के पीछे भाजपा नेताओं की ओर से किया गया जमीनों का हेर-फेर और पैसों के लेनदेन का विवाद रहा। इसी वजह से हत्याएं हो रही हैं। मंदसौर नगरपालिका अध्यक्ष प्रह्लाद बंधवार की हत्या में भी जिस मनीष बैरागी का हाथ है वो भी भाजपा का कार्यकर्ता है। उसने खुद स्वीकार किया है कि बंधवार पैसे नहीं लौटा रहे थे इसलिए मैंने बंधवार की हत्या कर दी।