न्यू ईयर का देसी गिफ्ट, पैदाइश में इंडिया टॉप! -नहीं चली चाइना की ‘चालबाजी’ 

दुनिया की बढ़ती आबादी चिंता का सबब बना हुआ है। इस मामले में १४१ करोड़ की आबादी के साथ चीन पहले स्थान पर काबिज है जबकि १३६ करोड़ के साथ इंडिया दूसरे स्थान पर है। इंडिया का पड़ोसी चीन आबादी, अनाज, सुरक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स आदि की होड़ में हमसे काफी आगे है। मगर नए साल के पहले दिन बच्चों की पैदाइश की बात करें तो इस मामले में चीन की ‘चालबाजी’ नहीं चली। इंडिया ने उसे पीछे छोड़ दिया है। यूएन के आंकड़ों के अनुसार कल के दिन इंडिया में ६९,९४४ बच्चों ने जन्म लिया जबकि ४४,९४०   बच्चों की पैदाइश के साथ चीन दूसरे स्थान पर रहा। २५,६८५ बच्चों की पैदाइश के साथ नाइजीरिया तीसरे सथान पर रहा। बाकी देश इस मामले में काफी पीछे हैं। इस तरह कहा जा सकता है कि न्यू ईयर के देसी गिफ्ट के इस मामले में इंडिया सबसे अव्वल स्थान पर है।
पैदाइश की यह रफ्तार कायम रही तो २१वीं सदी में इंडिया दुनिया का सबसे ज्यादा आबादीवाला देश बन जाएगा, यह भविष्यवाणी जल्द ही सच हो जाएगी। आपको जानकर हैरानी होगी कि दुनियाभर के १८ प्रतिशत बच्चों का जन्म अकेले इंडिया में नए साल के पहले दिन हुआ। संयुक्त राष्ट्र ने जो डेटा एकत्र किया है उसके मुताबिक नए साल के पहले दिन सबसे ज्यादा बच्चे पैदा होने के मामले में इंडिया पहले नंबर पर है। दूसरे नंबर पर चीन है व तीसरे नंबर पर नाइजीरिया है। नए साल के पहले सबसे ज्यादा पैदा होने वाले बच्चों की लिस्ट में पाकिस्तान चौथे नंबर पर है, जहां १५ हजार ११२ बच्चे पैदा हुए। पांचवें नंबर पर इंडोनेशिया है, जहां १३ हजार २५६ बच्चे पैदा हुए। यूनीसेफ में इंडिया का प्रतिनिधित्व करनेवाली यासमीन अली हक के अनुसार इस नए साल के मौके पर हम सबको यह संकल्प लेना होगा कि हम अपने लड़के और लड़की के हर अधिकारों की पूर्ति करेंगे, जिसमें सबसे पहला और सबसे अहम अधिकार है जीवित रहने का अधिकार। हक ने इस बात पर भी जोर दिया है कि हमें लोकल हेल्थ वकर्स को और ज्यादा ट्रेनिंग देने की जरूरत है ताकि नवजात बच्चा सही और सुरक्षित हाथों में रहे।