न कहा तो नपे, ३०० ड्राइवरों के लाइसेंस रद्द

८६३ ड्राइवर बिना बैच के मिले
अपनी बात रख सकेंगे ड्राइवर

ऑटोरिक्शा-टैक्सीवालों द्वारा यात्रियों का भाड़ा न ले जाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं लेकिन अब भाड़ा न ले जानेवाले टैक्सी और ऑटोरिक्शावालों की खैर नहीं। यदि अब उन्होंने भाड़ा ले जाने के लिए कहा तो नप जाएंगे। आरटीओ विभाग के अधिकारियों ने अब भाड़ा नकारनेवाले ऑटोरिक्शा और टैक्सीवालों पर कार्रवाई करनी शुरू कर दी है। आरटीओ ने अपनी कार्रवाई में ३०० ड्राइवरों के लाइसेंस स्थाई तौर पर रद्द कर दिए हैं।
बता दें कि आरटीओ ने यह कार्रवाई रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर यात्रियों का भाड़ा न ले जाने पर की है। यह कार्रवाई १० दिनों में की गई है। जानकारी के अनुसार ३०० ड्राइवरों के लाइसेंस रद्द करना, यह इस साल की सबसे बड़ी आरटीओ विभाग की कार्रवाई मानी जा रही है। यह कार्रवाई परिवहन आयुक्त शेखर चेन्ने द्वारा दिए गए निर्देश के बाद की गई है। कार्रवाई का मकसद यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार करनेवाले ऑटोरिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों को सबक सिखाना है। आरटीओ अधिकारियों के अनुसार ऐसा नहीं है कि यह कार्रवाई एकतरफा होगी यदि किसी ऑटोरिक्श या टैक्सी ड्राइवर की भाड़ा नकारने संबंधित शिकायत यात्री से मिलती है तो ड्राइवर को अपनी सफाई पेश करने का मौका भी दिया जाएगा। यदि जांच में संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा आरटीओ द्वारा चलाए गए अभियान के दौरान १५ ऑटोरिक्शा चालकों को अधिक किराया वसूलते पाया गया। अंधेरी और बोरिवली में ७० ऑटोरिक्शा चालकों को नियम से अधिक यात्री बैठाकर ले जाते पकड़ा गया जबकि ८६३ ड्राइवर बिना बैच और लाइसेंस के रिक्शा चलते पकड़े गए। ७०९ लाइसेंसों में से ३३७ लाइसेंसों को स्थाई रूप से रद्द करने के लिए भेज दिया गया है। ऑटो यूनियन लीडर शशांक राव का कहना है पूर्व और पश्चिम उपनगर में करीब ३ हजार ऑटोरिक्शा अवैध रूप से चल रहे हैं। इन सभी को पकड़ने की जरूरत है।