न बिरयानी, न मिठाई सिर्फ चाय पर ले गए लुगाई

शादियों में आम तौर पर दूल्हा और बाराती बिरयानी और मिठाई खाने के बाद ही लुगाई (दुल्हन) को घर लाते हैं लेकिन पुणे के कोंडवा में हुई एक शादी में मुंबई के बारातियों को न बिरयानी मिली और न ही मिठाई। यहां बारातियों और अन्य मेहमानों को शादी में सिर्पâ चाय पिलाई गई। शाही खर्च न करके शादी सादगी से मनाने का एक संदेश दुल्हन के पिता ने इस शादी के जरिए अपने मुस्लिम मजहब के लोगों के साथ-साथ सभी समाज के लोगों को दिया है। दुल्हन के पिता का मानना है कि अक्सर बेटियों की शादी में दहेज और बारातियों के शाही स्वागत में कर्ज तक उठाना पड़ता है। ऐसे में कई गरीब परिवार की बेटियों की शादी इन्हीं खर्चों के कारण नहीं हो पाती है।
बता दें कि पुणे के कोंडवा में रहनेवाले जाहिद शेख की बेटी की शादी पुणे में काफी चर्चित रही। जाहिद ने अपनी बेटी जुवेरिया की शादी महज चाय पर की है। जाहिद की इस पहल में उनके समधी अनवर कादरी और दूल्हा जैद ने साथ दिया। मुंबई में रहनेवाले अनवर कादरी ने अपने बेटे जैद की शादी जाहिद की बेटी जुवेरिया से महज चाय पर करने के लिए रिश्तेदारों और बारातियों की परवाह तक नहीं की। जाहिद ने बताया कि जब उन्होंने अपने समधी के समक्ष सादगी से शादी करने की बात रखी तो वे तैयार हो गए। शुक्रवार को पुणे के मदीना मस्जिद में हुए निकाह के बाद सभी बारातियों को चाय पिलाई। करीब ५०० बाराती इस शादी में शामिल हुए थे। जाहिद ने बताया कि पैगंबर मोहम्मद साहब का भी पैगाम रहा है कि शादी में फिजूल खर्ची न करें और शादी सादगी से करें। इसी पैगाम को समाज में पैâलाने के लिए उन्होंने अपनी बेटी की शादी महज चाय पर की है।