पकड़ा गया एसी का `स्लीपर’ सेल

११ साल से देशभर में घूम-घूमकर रेल यात्रियों का कीमती सामान चोरी करनेवाले एसी के `स्लीपर’ सेल के लूट का खेल आखिरकार खत्म हो गया। इस `स्लीपर’ सेल का सरगना एक सरदार निकला है, जो एसी कोच का रिजर्वेशन टिकट लेकर ब़ड़ी ही चालाकी से ट्रेन में सफर कर यात्रियों के सोने का इंतजार करता था और जैसे ही यात्री सो जाते उनका सामान चोरी कर उसे जनरल या फिर स्लीपर कोच में बैठे अपने भाई को दे देता था। चोरी का सामान मिलते ही भाई गौरव फरार हो जाता था।
मुख्य आरोपी का नाम हरविंदर सिंह उर्फ सनी है जबकि उसके छोटे भाई का नाम गौरव है। आरोपी ने ११ सालों में ७५ बार रेल लूट की घटनाओं को अंजाम दे चुका था। सनी पिछले कई सालों से पुलिस और रेलवे के लिए सिरदर्द बना हुआ था। ७५ में से २० लूट की घटनाओं इसने सिर्फ मुंबई डिवीजन में अंजाम दिया था। पुलिस के मुताबिक उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के हलदौर कस्बे का रहनेवाला सनी यहां की नगर पंचायत का सभासद भी था।

 ब्रिगेडियर की पत्नी को लूटना पड़ा भारी
हालांकि उसकी किस्मत तब धोखा दे गई जब उसने सेना के एक ब्रिगेडियर की पत्नी से करीब १० लाख रुपए के गहने और नकदी लूटकर फरार हो गया। ब्रिगेडियर की पत्नी के साथ यह वारदात ११ फरवरी को हुई थी, जब वह हजरत निजामुद्दीन-सिकंदराबाद दूरंतो एक्सप्रेस से सफर कर रही थीं। इस लूट की घटना के बाद जीआरपी और पुलिस उसकी तलाश में जुट गई।
 निशाने पर हाई प्रोफाइल स्टेशन
विजयवाड़ा जीआरपी ने इन दोनों की तलाश के लिए हैदराबाद रेलवे स्टेशन पर ट्रैप बिछाया। दोनों आमतौर पर मुंबई, नागपुर, हैदराबाद, बेंगलुरु, दिल्ली, सिकंदराबाद जैसे हाई प्रोफाइल रेलवे स्टेशनों की ओर जानेवाली ट्रेनों में लूट की घटना को अंजाम देते थे। जीआरपी का अंदाजा सही निकला और ये दोनों हैदराबाद रेलवे स्टेशन पर ही घूमते पाए गए, जहां से इन्हें १६ फरवरी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में दोनों ने बताया कि ११ फरवरी को लूट की घटना आखिरी नहीं थी, इसके बाद भी इन्होंने १३-१४ फरवरी की रात को नागपुर-मुंबई दूरंतो एक्सप्रेस से १.९० लाख की चोरी की। इसके अलावा मुंबई-शोलापुर सिद्धेश्वर एक्सप्रेस में १५ फरवरी को १.३० लाख की चोरी की थी। दोनों को गिरफ्तार करने के बाद नागपुर जीआरपी के हवाले कर दिया गया।
हैरानी की बात है कि सनी जिस हलदौर नगर पंचायत से पार्षद था वहां के लोगों को उसके कामों के बारे में जानकारी ही नहीं थी।