" /> पटरी पर लौट रहा है  मीरा-भाइंदर स्टील उद्योग

पटरी पर लौट रहा है  मीरा-भाइंदर स्टील उद्योग

कोविड-१९ के चलते हुए लॉकडाउन से मीरा-भाइंदर स्टील उद्योग भी खासा प्रभावित रहा है। अब राज्य सरकार ने छूट देनी शुरू कर दी है। इसके चलते पिछले दिनों शुरू हुए कारखानों से अब स्टील उद्योग फिर से पटरी पर लौट रहा है।

ज्ञात हो कि मीरा-भाइंदर शहर स्टील बर्तन बनाने के लिए प्रसिद्ध है। यहां कस्तूरी इंडस्ट्रियल, विकास इंडस्ट्रियल, पांचाल, विकास उद्योग नगर, स्वस्तिक, एम.आई., जय अंबे नगर सहित कई उद्योग परिसर हैं, जहां हजारों की संख्या में स्टील उद्योग चलते हैं। इन उद्योगों में लगभग ५० हजार मजदूरों को काम मिलता है। लेकिन लॉकडाउन शुरू होने के बाद लगभग तीन महीने से स्टील कारखाना बंद रहा। लेकिन अब कारखानों में काम होना शुरू हो गया है। स्टील कारखाने के मालिक पशुपति सिंह का कहना है कि मजदूरों का अभाव है लेकिन जो मजदूर बचे हैं, उनसे ही काम शुरू किया गया है। धीरे-धीरे ऑर्डर भी मिल रहे हैं। कारखाना बंद रहने से तो अच्छा है कि कुछ तो काम शुरू है।

कारखाने में केमिकल सप्लाय करनेवाले सतीश सिंह का कहना है कि पहले मैं जितना केमिकल स्टील कारखाने में हर दिन सप्लाई करता था, उसका १५ प्रतिशत केमिकल ही मैं अभी प्रतिदिन सप्लाई कर रहा हूं। वहीं मीरा-भाइंदर स्टील एसोसिएशन के चेयरमैन राजेंद्र मित्तल का कहना है कि स्टील कारखाने अभी थोड़े-थोड़े शुरू हो रहे हैं, मजदूरों की संख्या दस से पंद्रह प्रतिशत है। ऑर्डर भी अभी उसी हिसाब से मिल रहा है और मजदूर भी आवश्यकतानुसार नहीं मिल रहे हैं। सौ प्रतिशत यानी पूरी तरह कारखाना शुरू होने में अभी दो महीना लग सकता है।