पत्थरबाजों की होगी व्हॉट्सऐप जासूसी!

लोकल ट्रेनों पर पत्थरबाजी की हो रही घटना को अब जाकर रेलवे ने गंभीरता से लिया है। लोकल पर पत्थर फेंककर यात्रियों को निशाना बनानेवालों की अब खैर नहीं। लगातार हो रही इस तरह की घटना को देखते हुए आरपीएफ ने व्हॉट्सऐप जासूस तैयार किए हैं। मध्य रेलवे आरपीएफ ने रेलवे ट्रैक के आसपास रहनेवाले स्थानीय लोगों का एक व्हॉट्सऐप ग्रुप तैयार किया है, जो लोकल पर पत्थर फेंकनेवालों की टिप आरपीएफ को देंगे।
मध्य रेलवे आरपीएफ ने व्हॉट्सऐप जासूसी के अलावा पत्थरबाजों पर नजर रखने के लिए घाटकोपर क्षेत्र के संवेदनशील इलाकों में १० सीसीटीवी वैâमरा लगाने की योजना बनाई है। इसके साथ ही आरपीएफ ने इस इलाके में कुल २५ जवानों को ट्रैक पेट्रोलिंग पर लगाया है। मध्य रेलवे आरपीएफ अधिकारियों के मुताबिक आरपीएफ ने संवेदनशील इलाकों में रहनेवाले लोगों को नोटिस जारी कर ट्रेनों पर पत्थर मारनेवाले या उनका किसी तरह से समर्थन करनेवालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई किए जाने की बात की है। इसके साथ ही आरपीएफ से संवेदनशील स्टेशनों पर कार्य करनेवाले रेलवे कर्मचारियों को भी पत्थर मारनेवालों को लेकर सजग रहने की सलाह दी है। आनेवाले दिनों ये रेलवे ट्रैकों पर काम करनेवाले गैंगमैनों को भी इस बारे में सजग करने की तैयारी कर रही है।
आरपीएफ के मंडल सुरक्षा आयुक्त अरुण त्रिपाठी ने बताया कि ट्रेनों पर पत्थर मारने की अवांछित घटनाओं को बढ़ते देखते हुए हमने इस पर रोक लगाने के लिए दो टीमें बनाई हैं। इसके अलावा हमने आसपास के लोगों को जनजागृत किया। इसके साथ ही हमने घाटकोपर-कांजुरमार्ग और विक्रोली-घाटकोपर के पटरी के किनारे रहनेवाले लोगों के दो व्हॉट्सऐप ग्रुप बनाए हैं, जिसमें हमने आम लोगों से अनुरोध किया है कि यदि कोई पत्थर फेंकने की घटना को अंजाम देता है तो इसकी सूचना हमें दें। गौरतलब है कि
पिछले चार महीने में पत्थर फेंकने की १३ घटनाएं सामने आई हैं, इनमें से तीन लोगों ने मामले दर्ज कराए हैं बाकी ने नहीं।
देंगे आरपीएफ को टिप
सीसीटीवी से होगी मॉनिटरिंग
२५ जवान कर रहे है ट्रैक पेट्रोलिंग
सीसीटीवी की भी है नजर