पबजी हराम! इंडोनेशियाई फतवे का मुंबई के मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने किया समर्थन

लोकप्रिय ऑनलाइन गेम पबजी के खिलाफ इंडोनेशिया में इस्लामी कानूनों के जानकारों द्वारा फतवा जारी किया गया है। उनका मानना है कि इससे इस्लाम की तौहीन होती है और जिससे इस्लाम की तौहीन होती है वह हराम करार दिया जाता है। इंडोनेशिया के इस्लामी कानूनों के जानकारों के इस फतवे का समर्थन मुंबई के मौलवियों और मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने किया है।
बता दें कि इंडोनेशिया की उलेमा परिषद आसेह शाखा ने लोगों को पबजी गेम से दूर रहने का आह्वान किया है। इस आह्वान के साथ ही पबजी गेम के खिलाफ फतवा जारी कर इसे हराम करार दिया है जिसका समर्थन मुंबई के मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने भी किया है। मुस्लिम बुद्धिजीवी डॉ. एआर अंजारिया ने कहा कि हिंदुस्थान में कई ऐसे मामले आए जहां मौत या आत्महत्या की वजह पबजी रही है। उन्होंने बताया कि नशे की लत जितना ही खतरनाक है पबजी गेम। गौसिया कमिटी के मोहम्मद हुसैन खान का भी कहना है कि इस गेम से इस्लाम की तौहीन होती है और इसकी लत पालनेवाले लोग हिंसक हो जाते हैं। मौलाना मेहमूद अख्तर का मानना है कि जिस गेम से इस्लाम की तौहीन होती है वह मुसलमानों के लिए नाजायज करार कर दी जाती है। इसलिए सिर्फ मुसलमान ही नहीं सभी धर्मों के युवाओं को ऐसे गेम खेलने से बचना चाहिए। एसएन के ट्रस्ट के नावेद सिद्दीकी ने भी पबजी गेम को लेकर जारी इंडोनेशियाई फतवे का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि पबजी गेम से युवा हिंसक बनते जा रहे हैं। इसके एक गेम में देश-विदेश के १०० लोग एक साथ खेलते हैं। इसमें प्लेयर को बंदूक, बम आदि से दूसरे प्लेयर को मारना होता है। पबजी गेम हिंसा को बढ़ावा देता है। इस्लाम में हिंसा हराम है इसलिए यह गेम भी हराम है जिससे मुसलमानों को बचना चाहिए।