" /> परदेशियों को लेकर योगी द्वारा दिये गये कोरोना के आंकड़े भ्रामक -आराधना मिश्र

परदेशियों को लेकर योगी द्वारा दिये गये कोरोना के आंकड़े भ्रामक -आराधना मिश्र

कांग्रेस विधान मंडल दल की नेता श्रीमती आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने कहा कि मुख्यमंत्री के इस बयान से भ्रम की स्थिति बन गई है, जिसमें उन्होंने कहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार के आंकड़ों के अनुसार लगभग 25 लाख लोग यूपी वापस आ चुके हैं। इनमें से महाराष्ट्र से लौटे हुए 75%, दिल्ली से लौटे हुए 50% और अन्य प्रदेशों से लौटे 25% लोग कोरोना से संक्रमित हैं। यानी सूबे में 10 लाख से अधिक लोग कोरोना से संक्रमित हैं? मगर उनकी सरकार के आंकड़े तो संक्रमण की संख्या 6,228 बता रही है।

मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि उनके द्वारा बताए गए आंकड़े का आधार क्या है? उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के बयान से भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। आराधना मिश्रा ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के बयान में सच्चाई है तो सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ टेस्टिंग, संक्रमण के डेटा और अन्य तैयारियों से जनता को अवगत कराए और यह भी बताए कि संक्रमण पर काबू पाने की क्या तैयारी है? इसके पहले यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार ‘लल्लू’ सरकार पर वास्तविकता छुपाने व कोरोना रोगियों के आकड़ों को छुपाने का आरोप लगा चुके हैं। आराधना मिश्रा, पूर्व सांसद पी.एल. पुनिया व उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अन्य नेताओं ने योगी आदित्यनाथ की सरकार के ऊपर कोरोना जैसी महामारी से संक्रमित लोगों को लेकर भ्रामक आंकड़े और सामाजिक वैमनस्य फैलाने के खिलाफ प्रेस वार्ता किया है।

पूर्व सांसद पी.एल. पुनिया ने कहा कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार ‘लल्लू’ को यूपी सरकार ने जेल भेजकर गरीब श्रमिकों की सेवा करने का दंड दे रही है। उनसे किसी को भी मिलने नहीं दिया जा रहा है। योगी सरकार हमारे नेता के साथ अन्याय कर रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुनिया ने कहा कि पिछले दिनों योगी आदित्यनाथ ने एक समाचार एजेंसी से बातचीत करते हुए इस गंभीर महामारी से संक्रमित लोगों के विषय में भ्रामक और सामाजिक वैमनस्यता फैलाने जैसा बयान दिया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने अपने बयान में कहा है कि महाराष्ट्र से आनेवाले, दिल्ली से आनेवाले कामगार कोरोना से ज्यादातर संक्रमित हैं। मुख्यमंत्री के इस बयान से सामाजिक वैमनस्यता फैलेगी। क्योंकि जो लोग बाहर से आए हैं, जो मजदूर और प्रवासी लोग हैं उनमें से ज्यादा लोग दलित और पिछड़े समाज से आते हैं। मुख्यमंत्री के इस बयान से लोगों के बीच यह संदेश गया है कि जो लोग बाहर से आए हैं, वे ही बीमारी लेकर आएं हैं। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ की सरकार दलितों-पिछड़ों के खिलाफ साजिश रच रही है। उत्तर प्रदेश चिकित्सा प्रकोष्ठ के जियाराम वर्मा ने कहा कि सरकार को कोरोना महामारी से बचने के लिए ज्यादा-से-ज्यादा तादात में टेस्टिंग की जरूरत है। साथ ही साथ व्यापक तौर पर एक स्वास्थ्य अभियान चलाने की जरूरत है, जिससे लोगों को जागरूक किया जा सके। उन्होंने कहा कि कोरोना मरीजों के लिए तैयार किए गए सेंटरों की हालत गंभीर रूप से खराब है।