" /> परस्पर सहयोग से उद्योगों की समस्याओं का निराकरण करेंगे- सुभाष देसाई

परस्पर सहयोग से उद्योगों की समस्याओं का निराकरण करेंगे- सुभाष देसाई

उद्योग मंत्री ने किया महाराष्ट्र चेंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के सदस्यों के साथ संवाद
हमारी असली लड़ाई कोरोना से है और इस बात को सभी को ध्यान रखना होगा। इसके साथ ही उद्योगचक्र शुरू करते हुए अर्थव्यवस्था को भी गति देनी होगी, यह कार्य परस्पर संवाद एवं सहयोग से करेंगे, ऐसा विश्वास उद्योग मंत्री सुभाष देसाई ने व्यक्त किया है। महाराष्ट्र चेंबर ऑफ कॉमर्स इंडस्ट्री एंड एग्रीकल्चर इस शिखर संस्था की ओर से आयोजित की गई ई-सभा में वे बोल रहे थे। महाराष्ट्र चेेेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से लॉक डाउन के बाद उद्योगों के निर्माण में आनेवाली तमाम समस्याओं पर चर्चा करने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा उद्योग मंत्री देसाई के साथ संवाद साधा। इस दौरान चेंबर्स के राज्यभर के २५० से अधिक उद्योगपति, व्यापारियों ने भाग लिया। कोरोना की वजह से उद्योग क्षेत्र को खासकर लघु, मध्यम उद्योग क्षेत्र का नुकसान हुआ है। ऐसे हालातों में व्यापार एवं उद्योगों को आ रही समस्याएं एवं लॉक डाउन (तालाबंदी) खत्म होने के बाद उद्योग शुरू करने के लिए जो समस्याएं आएंगी और उन पर जो उपाय योजनाएं करनी होंगी, इन सभी बिंदुओं पर इस दौरान चर्चा की गई।
चेंबर्स के अध्यक्ष मंडलेचा ने उद्योग मंत्री सुभाष देसाई,  उद्योग सचिव वेणुगोपाल रेड्डी,  एमआईडीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी. अन्बलगन और सभी प्रतिनिधियों का स्वागत किया। साथ ही वर्तमान स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लघु, मध्यम उद्योग एवं व्यापारी व किसानों की समस्याओं को लेकर जो प्रयास हो रहे हैं और उद्योग शुरू करने के लिए सरकार की ओर से जो प्रयास किए जा रहे हैं वे सराहनीय हैं। राज्य के सभी उद्योगपति सरकार के साथ हैं और सरकार के सभी निर्देशों का पालन भी किया जाएगा। इस दौरान उद्योगों को पूंजी के लिए, कामगार नहीं होना, ब्याज दर, बैंक के कर्ज मिलना, विद्युत बिल, पानी बिल और विविध कर, कामगारों का वेतन, निर्यात के लिए गति मिले, इसके लिए प्रयास करना, कृषि माल के लिए मजदूरों की उपलब्धता इस तरह की विविध समस्याओं को कुछ सदस्यों ने उनके समक्ष रखा। इस पर देसाई ने कहा कि उद्योग शुरू करने की आवश्यकता सरकार द्वारा समझने के बाद हमने उस तरह से तैयारी भी की है। वरिष्ठ सनदी अधिकारियों का कृति गट स्थापन किया है। केंद्र सरकार की मार्गदर्शक सूचनाओं को सामने रखकर ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से या यह प्रक्रिया चलाकर उद्योगों को लाइसेंस दिए जाएंगे। देसाई ने बताया कि आज तक पच्चीस हजार तक उद्योग शुरू करने के लिए अनुमति मांगी गई है। दरमियान स्वयंचलित दुपहियां वाहनों के दस किलोमीटर की दूरी का बंधन दूर करने की मांग कुछ उद्योजकों ने की है। उसे सकारात्मक प्रतिसाद दिया जाएगा।
उद्योजकों को जो समस्याएं आ रही हैं, उनके निराकरण के लिए हेल्प डेस्क भी शुरू किए जाने की बात भी उद्योग मंत्री देसाई ने कहीं।
महाराष्ट्र चेंबर ऑफ कॉमर्स,  इंडस्ट्री एंड एग्रीकल्चर के विश्वस्त आशिष पेडणेकर ने इस चर्चासत्र का प्रस्ताविक किया। इस  चर्चासत्र में महाराष्ट्र चेंबर ऑफ कॉमर्स,  इंडस्ट्री एंड  एग्रीकल्चर के अध्यक्ष संतोष मंडलेचा, विदर्भ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के विवेक डालमिया, अमरावती चेंबर ऑफ कॉमर्स,  इंडस्ट्री के अध्यक्ष विनोद कलंत्री, सोलापुर चेंबर ऑफ कॉमर्स,  इंडस्ट्री एंड  एग्रीकल्चर के अध्यक्ष राजू राठी,  चेंबर ऑफ मराठवाडा इंडस्ट्रीज एंड एग्रीकल्चर के अध्यक्ष गिरिधर संगनेरिया,  इंडियन मर्चंट चेंबर के अध्यक्ष आशीष वेद, एमआईडीसी के रवींद्र बोराटकर आदि उपस्थित थे। इसके अलावा चेंबर के पूर्व अध्यक्ष मीनल मोहाडीकर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष ललित गांधी,  उपाध्यक्ष अनिल कुमार लोढा, रविंद्र मानगावे, शुभांगी तिरोडकर, उमेश दाशरथी, आयम के धनंजय बेले, अजित सुराणा,  सुनीता फाल्गुने, सोनल दगडे, करुणाकर शेट्टी, उमेश पै,  सतीश मालू,  भारत खंडेलवाल तथा नामकर्ण आवारे ने भी इस चर्चासत्र में भाग लिया।