" /> परिंदों का रेलवे ने उजाड़ा आशियाना : अब तक 454 घोंसले हटाए

परिंदों का रेलवे ने उजाड़ा आशियाना : अब तक 454 घोंसले हटाए

कोरोना काल मे लॉक डाउन होने से लोकल ट्रेनों का परिचालन भी ठप है। इसी बीच रेलवे ने मॉनसून की तैयारी भी तेज कर दी है। मॉनसून की तैयारी के दौरान रेलवे ट्रैक के आसपास कचरों के अंबार को हटाने के अलावा रेलवे नालों की सफाई में भी लगी है ताकि रेलवे पटरियों के आसपास जलजमाव न होने पाए। इसी मानसून पूर्व तैयारी में रेलवे का बुलडोजर परिंदों के आशियानों पर भी चला है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पश्चिम रेलवे ने अब तक 454 परिंदों के आशियानों को उजाड़ दिया है। अभी और भी घोसलों की पहचान करने में रेलवे लगी हुई है।

बता दें कि मॉनसून के दौरान परिंदों के ब्रीडिंग का भी समय हो जाता है। ऐसे में पक्षी महफूज जगह खोजते हुए ओवर हेड वायर के स्ट्रक्चर पर अपना आशियाना बनाते हैं। ट्रेनों के पेंटोग्राफ को बिजली मुहैया करानेवाली तार को ओवर हेड वायर कहा जाता है। ऐसे में ओवर हेड वायर के स्ट्रक्चर में पक्षी अपने घोंसले बनाया करते हैं। मॉनसून पूर्व तैयारियों के दौरान फुट पेट्रोलिंग और लाइन इंस्पेक्शन के दौरान इन घोसलों की पहचान की गई तथा वहां से उन्हें हटाया गया है। पश्चिम रेलवे के अनुसार अब तक परिंदों के कुल 454 घोंसले हटाए जा चुके हैं। बता दें कि इस दौरान पश्चिम रेलवे के अधिकारियों सहित मनपा के अधिकारी संयुक्त रूप से रेलवे ट्रैक के बगल में संभावित खतरनाक वृक्षों का सर्वेक्षण भी कर रहे हैं। इस सर्वेक्षण के दौरान 75 वृक्षों की पहचान की गई है, जो मानसून के दौरान गिर सकते हैं। उन वृक्षों की काट छांट की जा रही है। इतना ही नहीं अब तक 158 वृक्षों की छंटाई भी रेलवे कर चुकी हैं।