पर्यावरण के दूत, चंडीगढ़ टू मुंबई पैडल मार पहुंचे

मुंबई जैसे शहर में गाड़ियों की संख्या साल-दर-साल बढ़ती जा रही है। नतीजन प्रदूषण का स्तर भी शहर में बड़ी तेजी से बढ़ता जा रहा है। ऐसे में लोगों को पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए चंडीगढ़ से ६० वर्षीय संजीव शर्मा और उनका बेटा शौर्य (१३) मुंबई पहुंचे। ५ हजार किलोमीटर से अधिक का सफर तय कर बिना प्रदूषण के साइकिल का पैडल मारते हुए पर्यावरण के दूत मुंबई पहुंचे और लोगों से अपील की कि लोग भी गाड़ियों की बजाय साइकिल का उपयोग करें।

बता दें कि साइकिल चलाने से स्वास्थ्य फिट रहता है। साइकिल से किसी भी प्रकार का प्रदूषण नहीं होता लेकिन लोगों में साइकिल के प्रति रुचि कम होती जा रही है। लोगों को साइकिल चलाने के प्रति प्रेरित करने के लिए शौर्य और उसके पिता भरपूर प्रयास कर रहे हैं। संजीव ने कहा कि आज पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग की समस्या से परेशान है। हवा में प्रदूषण का स्तर लोगों को बीमार कर रहा है। कई लोगों की इसके चलते मौत भी हो जाती है। नई पीढ़ी का भविष्य खतरे में है। दैनिक कार्यों जैसे ऑफिस और स्कूल आने-जाने के लिए अगर लोग साइकिल का इस्तेमाल करना शुरू कर दें तो इससे काफी हद तक प्रदूषण पर नियंत्रण लगाया जा सकता है। शौर्य ने कहा ‘मैं अक्सर पढ़ता और देखता रहता हूं कि प्रदूषण के कारण लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए मैंने अपने पापा के साथ लोगों को खासकर मेरी उम्र के लोगों को साइकलिंग के फायदे के प्रति जागरूक करने का पैâसला लिया है।’

मुंबई में साइकिल के लिए पार्किंग और ट्रैक
साइकलिंग को लेकर मुंबई के बारे में अपना अनुभव साझा करते हुए संजीव ने कहा कि यहां के कई इलाकों में न केवल साइकिल चलाने से हमें रोका गया बल्कि पार्किंग की सुविधा से वंचित रखा गया। संजीव ने बताया कि साइकलिंग को बढ़ावा देने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर लोगों से साइकिल का इस्तेमाल करने का आग्रह किया है। साथ ही मुख्यमंत्री को भी साइकिल चलाने का अनुरोध किया है, ताकि उनसे प्रभावित होकर दूसरे लोग भी साइकिल चलाना शुरू करें।