" /> पशुओं के पालनहार!, १९ वर्षों में दिया लाखों जानवरों को जीवनदान

पशुओं के पालनहार!, १९ वर्षों में दिया लाखों जानवरों को जीवनदान

भिवंडी का समस्त जैन महासंघ की संलग्न संस्था जैन एलर्ट यंग ग्रुप ऑफ भिवंडी पिछले १९ वर्षों से लगातार बेज्रुबान जानवरों को जीवनदान देने का कार्य कर रही है। पशुओं के लिए परमेश्वर बनी संस्था के लोग शहर व आस-पास क्षेत्र के एक लाख ३८ जानवरों की जान बचा चुके हैं। उक्त संस्था द्वारा हर दिन २० जानवरों की जिंदगी बचाने का लक्ष्य रहता है, इसके लिए हर माह संस्था की तरफ से ६० हजार रुपए खर्च किए जाते हैं।
भिवंडी के समस्त जैन महासंघ के संयोजक अशोक जैन के अनुसार भिवंडी मनपा व आस-पास के इलाके में जिन पशु-पक्षियों के इलाज के लिए कोई नहीं आता, उन बेजुबान जानवरों का इलाज महासंघ की जैन एलर्ट यंग ग्रुप ऑफ भिवंडी द्वारा मुफ्त में किया जाता है। उन्होंने बताया कि लावारिस पशु-पक्षियों का इलाज का कार्य प. पू. आचार्य हेमरत्नसुरीश्वरजी गुरुजी की प्रेरणा से वर्ष २००१ में शुरू किया गया था। उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए एक एंबुलेंस के साथ एक रिटायर्ड पशु चिकित्सक, एक सहायक डॉक्टर के माध्यम से किया जाता है। उन्होंने बताया कि हर दिन औसत २० बेजुबान पशु-पक्षी का इलाज निःशुल्क किया जाता है। एंबुलेंस की सेवा सुबह ९.३० बजे से शुरू होकर शाम छह बजे तक जारी रहती है। अशोक जैन ने बताया कि जानवरों के मुफ्त इलाज के लिए संस्था की तरफ से एक नंबर जारी किया गया है, जिस पर कॉल आने पर डॉक्टर एंबुलेंस के साथ घटनास्थल पर जाकर बेजुबान जानवरों का इलाज करते हैं तथा जरूरत पर पुनः जानवरों का इलाज के लिए क्लीनिक पर लाया जाता है। वर्ष २००१ से २०२० तक एक लाख, ३६ हजार, ८०० बेजुबान पशु, पक्षी व जानवरों का इलाज करने का सौभाग्य श्री जैन एलर्ट यंग ग्रुप ऑफ भिवंडी को प्राप्त हुआ है। जानवरों के इलाज के लिए अशोक जैन, दिनेश जैन, एडवोकेट किशोर जैन, मांगीलाल जैन, विरल शाह, सुमित जैन, सचिन जैन व उनकी टीम निरंतर काम कर रही है। इसी तरह समस्त जैन महासंघ हमेशा ही सामाजिक कार्यों में अग्रसर रहा है। उक्त संस्था ने कोरोना काल में पौने दो लाख लोगों को खाने के पैकेट वितरित करने के साथ एक लाख दिव्यांगजनों व वृद्ध लोगों को भोजन उपलब्ध करा चुकी है।