" /> पहलवानों, पदक लौटाओ!

पहलवानों, पदक लौटाओ!

जीते हुए पदक क्या किसी से वापस मांगे जाते हैं? नहीं न, मगर इधर कुछ पहलवानों से लौटाने के लिए कहा जा रहा है। दरअसल माजरा ही कुछ ऐसा है और ये नियम बन जाता है कि आपको अपने पदक वापिस करना होगा क्योंकि आप किसीके आरोपी निकले हैं। हां, सरकार के निर्देशों पर अमल करते हुए भारतीय कुश्ती महासंघ ने खेलो इंडिया गेम्स के चार सत्रों में डोप टेस्ट में नाकाम रहे १२ पहलवानों से पदक और प्रमाण पत्र लौटाने को कहा है। डब्ल्यूएफआई ने अपनी मान्य प्रदेश ईकाइयों को इस प्रक्रिया में मदद करने के लिए कहा है।। डब्ल्यूएफआई सहायक सचिव विनोद तोमर ने कहा, ‘‘ऐसे कई पहलवान है जो २०१८ से अब तक खेलो इंडिया गेम्स (स्कूली, युवा और यूनिवर्सिटी खेल) में डोप टेस्ट में नाकाम रहे। सरकार ने हमसे कहा है कि उनके पदक और भागीदारी प्रमाण पत्र वापिस ले लिए जायें। उन्हें योजना से बाहर कर दिया जाएगा। इसमें प्रâीस्टाइल के छह और ग्रीको रोमन के छह पहलवान शामिल हैं। इन पहलवानों की लिस्ट इस प्रकार है – रोहित दहिया (५४ किलो), मनोज (५५ किलो), कपिल पी (९२ किलो), अभिमन्यु (५८ किलो), विकास कुमार (६५ किलो), विशाल (९७ किलो), जगदीश रोकड़े (४२ किलो), रोहित अहिरे (७२ किलो), विराज रनवाडे (७७ किलो), विवेक भरत (८६ किलो), जसदीप सिंह (१२५ किलो) और राहुल कुमार (६३ किलो)।