पहले मतदान फिर सिंदूरदान

घर में मेहमानों की गहमागहमी थी। पापा-मम्मी-काका-दादा सब भागदौड़ में थे कि सिंदूरदान में कोई कसर न रह जाए लेकिन जिसके सिर सेहरा बंधना और जिसका िंसदूरदान होना था वे मतदान करने के लिए मतदान केंद्रों के बाहर कतार में खड़े मिले। इन जोड़ों ने पहले मतदान फिर िंसदूरदान का निर्णय किया था।
मानव जीवन में विवाह एक महत्वपूर्ण मोड़ है तो चुनाव, लोकतंत्र का महाकुंभ माना जाता है। देश में पहले चरण के चुनाव के लिए गुरुवार को मत पड़े। इसी दिन कई जोड़े परिणय सूत्र के बंधन में बंधने वाले थे। इन जोड़ों ने पहले मतदान फिर शादी के बंधन में बंधने का निर्णय लिया था। भंडारा के लाखादूर तहसील के इंदोरा गांव के पितांबर जेंगठे भी इसी में से एक हैं जो शादी के जोड़ा पहने मतदान केंद्र पहुंच गए और मतदान किया।
मतदान केंद्र पहुंची बारात
राज्य की सात लोकसभा सीटों के लिए गुरुवार को पड़े वोटों के पहले कई दूल्हा-दुल्हन मतदान केंद्रों के कतारों में खड़े मिले। विवाह परंपरा, प्रेम और आस्था का मिलन है तो मतदान लोकतंत्र की मजबूती के लिए महादान है। मतदान के दिन विवाह वाले घरों में दोनों पर्व साथ-साथ पूरा करते देखा गया। इसके तहत गोंदिया के कारंजा गांव में देवीदास उराडे अपनी दुल्हन के साथ पूरी बारात लेकर मतदान केंद्र पहुंचे थे, जहां जाकर उन्होंने मतदान किया।