पाकिस्तान को लेना है बालाकोट का बदला बना रहा है हिंदुस्थान का आसमानी नक्शा

जब से हिंदुस्थान की वायुसेना ने बालाकोट के आतंकी कैंप पर बम बरसाए हैं, पाकिस्तान बुरी तरह से बौखलाया हुआ है। वह किसी भी तरह हिंदुस्थान में एयर स्ट्राइक कर बालाकोट का बदला लेना चाहता है पर उसे सफलता नहीं मिल रही है। हिंदुस्थान की सक्षम व एलर्ट वायुसेना पाकिस्तानी विमानों को हर बार खदेड़ देती है। इसके साथ ही पाकिस्तान को यह भी आशंका है कि हिंदुस्थान अपने यहां चल रही चुनावी गहमा-गहमी के बीच पाकिस्तान पर एक और स्ट्राइक कर सकता है इसलिए बेचैन पाकिस्तान बार-बार हिंदुस्थानी सीमा में ड्रोन भेजकर टोह लेने की कोशिश कर रहा है ताकि हिंदुस्थान का आसमानी नक्शा बनाया जा सके।

पंजाब की सीमा में दाखिल हुए एक ड्रोन को गत गुरुवार को हिंदुस्थानी जवानों ने मार गिराया था। बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद से अभी तक १ दर्जन से ज्यादा पाकिस्तानी ड्रोन को हमारे चौकस जवानों ने मार गिराया है। गत सप्ताह तो पाकिस्तान के चार एफ-१६ सीमा के करीब पहुंचे थे जिनके साथ एक ड्रोन भी था। भारतीय वायुसेना के सुखोई विमानों ने उन सभी एफ-१६ को भगा दिया था।

पाकिस्तान अपनी करतूतों से बाज नहीं आ रहा है। वो हिंदुस्थानी सीमा में लगातार ड्रोन के जरिए घुसपैठ करने की कोशिश कर रहा है। लेकिन हिंदुस्थान सेना उसकी हर नापाक कोशिश को नाकामयाब कर दे रही है। पाकिस्तान को ये ड्रोन चीन से मिले हैं। पाकिस्तान के पास चूंकि अपना कोई सैन्य या जासूसी सैटेलाइट नहीं है इसलिए उसे हिंदुस्थान की सैन्य गतिविधियों को जानने के लिए ड्रोन पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

राजस्थान के श्रीगंगानगर में पाकिस्तान के ड्रोन ने एक बार फिर से घुसपैठ की नाकामयाब कोशिश की। पाकिस्तान ने हिंदुस्थानी सीमा में जासूसी करने के लिए ड्रोन भेजा। मदेरा सीमा चौकी के पास पाकिस्तान ने सुबह ६ बजे ड्रोन भेजा था, जिसे हिंदुस्थानी सेना ने पकड़ लिया। हिंदुस्थान की तरफ से हैवी फायरिंग को देखते हुए ड्रोन पाकिस्तान की सीमा में लौट गया। इससे पहले भी पाकिस्तान ने १६ मार्च को मदेरा बॉर्डर पर ड्रोन भेजा था। उस वक्त हिंदुस्थानी सेना ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देते हुए ड्रोन को वापस भेज दिया था। अब तक १ दर्जन से ज्यादा बार वह ड्रोन भेज चुका है। इनमें से कई ड्रोनों को हिंदुस्थानी जवान मार गिराने में सफल रहे हैं।

इससे पहले श्रीगंगानगर के पास ही हिंदुमलकोट सीमा पर ड्रोन ने घुसने की कोशिश की थी लेकिन जवानों की गोलीबारी से वह लौट गया था। बता दें कि गत महीने ४ मार्च को सुखोई विमान ने एक ड्रोन को मार गिराया था। उसी दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने एक संदिग्ध जासूस को गिरफ्तार किया था। उसकी पहचान जैसलमेर के सोनू गांव निवासी फतान खान के रूप में हुई थी।