" /> पाक में है मुंबई हमले का साजिशकर्ता सज्जाद मीर! ISI ने दी है इमरान खान जैसी सुरक्षा

पाक में है मुंबई हमले का साजिशकर्ता सज्जाद मीर! ISI ने दी है इमरान खान जैसी सुरक्षा

-अमेरिका ने एक बार फिर किया बेनकाब
-मीर के सिर पर है 50 लाख डॉलर का इनाम -26/11 हमलों के बाद कराई थी प्लास्टिक सर्जरी 

आतंकवाद पर एक सालाना रिपोर्ट में अमेरिका ने एक बार फिर पाकिस्तान को बेनकाब किया है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इस्लमाबाद ने 2019 के पुलवामा अटैक के मास्टमाइंड जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर और 26/11 मुंबई अटैक के साजिशकर्ता सज्जाद मीर उर्फ मजीद पर उसने कोई कार्रवाई नहीं की है। ये आतंकी पाकिस्तान में ही हैं और आईएसआई की हाई लेवल सिक्यॉरिटी में हैं। इन्हें जिस तरह की सिक्यॉरिटी मिली हुई है वह पाकिस्तान में राष्ट्र प्रमुखों को दी जाती है।

हालांकि, इमरान खान सरकार इन आतंकियों की पाकिस्तान में मौजूदगी से लगातार इंकार करती रही है, लेकिन मीर और अजहर आईएसआई की सबसे ऊंची सिक्यॉरिटी में रह रहे हैं। अमेरिकी नागरिक डेविड कोलमेन हेडली का हैंडलर सज्जाद मीर रावलपिंडी के आदिला जेल रोड पर गार्डन विला हाउजिंग सोसायटी या लाहौर के अल फैजल टाउन में 17, सी-ब्लॉक में या लाहौर के गंदा नाला एरिया में रहता है।

सज्जाद मीर के सिर पर 50 लाख डॉलर का इनाम घोषित है। 44 वर्षीय मीर ने 26/11 मुंबई अटैक के दौरान छाबड़ हाउस (नरीमन हाउस) में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों को होल्त्जबर्ग दंपति पर गोली चलाने का आदेश दिया था। 2010 तक लश्कर-ए-तैयबा के ऑपेशनल चीफ जकी-उर-रहमान लखवी की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार रहे मीर ने ना केवल विदेशों में आतंकवादियों की भर्तियां कराई और पाकिस्तानी कैंपों में ट्रेनिंग दी बल्कि आईएसआई के इंडियन मुजाहिद्दीन ऑपरेशन का हिस्सा था, जिसे कराची प्रॉजेक्ट के रूप में जाना जाता है।

भारतीय इंटेलिजेंस एजेंसियां भी मीर को ट्रैक करती रही हैं। आतंकवादी को लेवल सात सुरक्षा मिली हुई है, जो सामान्य तौर पर पाकिस्तान में आईएसआई की ओर से राष्ट्र प्रमुखों को दी जाती है। 26/11 हमलों के बाद उसने प्लास्टिक सर्जरी भी कराई थी।

इसी तरह 2016 के पठानकोट एयरबेस और 2019 के पुलवामा अटैक का साजिशकर्ता मसूद अजहर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के बहावलपुर में रेलवे लिंक रोड पर जैश-ए-मोहम्मद के हेडक्वॉर्टर मरकज-ए-उसमान-ओ-अली में बिस्तर पर पड़ा है। अजहर भारत पर हमले की प्लानिंग करता है और उसका भाई मौलाना रऊफ असगर और उसकी टीम इसे अंजाम देती है। मसूद अजहर के ठिकाने मदरसा बिलाल हबशी, कोटका इमाम शाह, गारेहा शाह जहान, पीएस मंदन, बन्नू, खैबर पख्तूनख्वा या मदरसा मस्जिद-ए-लुकमान, लक्कीताजाजई रोड, लक्कीमारवात, केपीके में भी हैं।

सज्जाद मीर को 2012 में वैश्विक आतंकवादी घोषित किया गया था, जबकि मसूद अजहर को 1 मई 2019 को ग्लोबल आतंकी घोषित किया गया है, चार बार चीन ने उसे ग्लोबल आतंकी घोषित होने से बचा लिया था। अजहर पाकिस्तान में अब भी आतंकियों के नेता के रूप में एक्टिव है लेकिन मीर आईएसआई के इशारे पर रडार से दूर हो गया है।