पाटील का प्रताप

क्रिकेट की दुनिया में इन दिनों २३ साल के नौजवान मकरंद पाटील की चर्चा चरम पर है। चर्चा क्यों न हो? मकरंद पाटील ने एक अद्भुत रिकॉर्ड जो अपने नाम कर लिया है। वैसे आम जिंदगी में विवा सुपरमार्केट्स में सेल्‍समैन हैं मकरंद और उनके पिता एक किसान हैं। एक स्थानीय मैच में मकरंद ने ७ गेंदों में लगातार ७ छक्‍के लगाने का अनोखा कारनामा किया है। आठवें नंबर पर बल्‍लेबाजी करने आए पाटील ने सिर्फ २६ गेंदों में ८४ रन बनाए और अपनी टीम विवा सुपरमार्केट्स को एफ डिविजन टाइम्‍स शील्‍ड टूर्नामेंट का खिताब दिलाया। मकरंद पाटील की बल्लेबजी का ही ये प्रताप था कि विवा सुपरमार्केट्स ने सचिन तेंदुलकर जिमखाना स्‍टेडियम में महिंद्रा लॉजिस्टिक्‍स को मात दे दी। आज से करीब ११ वर्ष पहले २००७ में इंग्लैंड के साथ टी-२० वर्ल्ड कप के दौरान हरफनमौला युवराज सिंह ने भी स्टुअर्ट ब्रॉड की ६ गेंदों पर छह छक्के लगाकर सभी को हैरान कर दिया था। अब इस बार एक २३ वर्षीय किसान के बेटे मकरंद पाटील ने सात गेंदों में ७ छक्के लगाकर युवराज से भी आगे निकल गया है।
पाटील मुंबई पश्चिम उपनगर के विरार का रहनेवाला है। यह कारनामा करने के बाद से पाटील को लगातार फोन पर बधाई के संदेश मिल रहे हैं। विरार में रहनेवाले मकरंद की जिंदगी संघर्षों से भरी रही है। उनके परिवार की आय का मुख्य स्रोत खेती है। वह खेत में अपने पिता की मदद भी करते हैं, जिसकी वजह से कई मैचों में हिस्‍सा नहीं ले पाते। पाटील को उम्मीद है कि एक दिन आएगा जब चीजें बेहतर के लिए बदल जाएंगी। मकरंद की इस उपलब्धि को देखते हुए कंपनी ने मकरंद को एक दिन की छुट्टी दी है ताकि वह अपने रिकॉर्ड का जश्‍न अपने परिवार व दोस्तों के मना सके।
एक किसान के बेटे मकरंद के अनुसार जब उसने चार छक्‍के लगातार जमाए तब तक सोचा भी नहीं था कि एक ओवर में लगातार छह छक्‍के लगाने का कारनामा कर पाऊंगा। जैसे ही मैंने छठा छक्का लगाया। मेरी टीम के खिलाड़ी जोर-जोर से चिल्लाने लगे। मकरंद ने आगे कहा कि उस समय मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मैं क्रीज पर नहीं बल्कि चांद पर खड़ा हूं। मैंने सातवीं गेंद पर भी छक्का जड़ दिया। वो वक्त मेरे लिए काफी खास था। पाटील भारतीयों के उस स्‍पेशल क्‍लब का हिस्‍सा बन चुके हैं, जिन्‍होंने एक ओवर में लगातार छह छक्‍के लगाने का कारनामा किया। युवराज सिंह टीम इंडिया के लिए यह कमाल कर चुके हैं जबकि रवि शास्‍त्री ने भी घरेलू स्‍तर पर यह उपलब्धि हासिल की थी। पाटील ने यह उपलब्धि मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के बैनर तले आयोजित टूर्नामेंट में हासिल की है। साईनाथ क्‍लब के खिलाड़ी ने कहा कि लोग अभी भी मुझसे मिलने आ रहे हैं। मुझे बधाई दे रहे हैं। बहुत अच्‍छा महसूस हो रहा है, लेकिन आगे की जिंदगी दोबारा आसान नहीं होनेवाली है। मुझे पहले से भी ज्‍यादा मेहनत करनी होगी। क्योंकि मेरा पहला लक्ष्‍य भविष्‍य में मुंबई की टीम में अपने लिए जगह बनाना है।