पानी करेगा पस्त, राज्य के जलाशयों में सिर्फ १३% है शेष

गर्मी अपने प्रचंड रूप में है, दूसरी तरफ राज्य में पानी है कि घटता ही जा रहा है। अगर वक्त पर बारिश नहीं हुई तो महाराष्ट्र में पानी लोगों को पस्त कर देगा। राज्य के जलाशयों में २७ मई २०१९ के अंत तक सिर्फ १३.१ फीसदी पानी ही शेष बचा है जबकि पिछले वर्ष इस समय २३.१४ फीसदी पानी बचा हुआ था। हालांकि गत वर्ष भी बारिश कम हुई थी मगर इस वर्ष भी बारिश को लेकर जो खबरें आ रही हैं वो चिंताजनक हैं। खबरों के अनुसार मौसम वैज्ञानिकों ने आशंका जताई है कि इस साल भी कम बारिश होगी। इतना ही नहीं, इस साल अल नीनो के सक्रिय होने की बात भी कही गई है जिससे कम बारिश होती है।
राज्य में इस वर्ष और पिछले वर्ष जलाशयों में जलसंचय की तुलनात्मक स्थिति निम्नलिखित है। सर्वाधिक जलसंचय कोकण विभाग में ३३.६९ फीसदी (३९.७१) है। साथ ही पुणे विभाग में १२.६ फीसदी (२५.०५), नाशिक विभाग में १३.२९ फीसदी (२३.०९), अमरावती विभाग में २०.१ फीसदी (१८.८७), नागपुर विभाग में ८.८५ फीसदी (१२.४३) और संभाजीनगर विभाग में २.८६ फीसदी (२०.४६) जलसंचय है। राज्य में २७ मई २०१९ के अंत तक कुल ६,२०९ टैंकर्स द्वारा ४,९२० गांव और १०,५०६ बस्तियों में जलापूर्ति की जा रही है। इसमें संभाजीनगर विभाग के सर्वाधिक २,२८६ गांव और ७८५ बस्तियों में ३,२३३ टैंकर्स द्वारा जलापूर्ति की जा रही है। साथ ही नासिक विभाग में १,०६६ गांव और ४,०२० बस्तियों में १,३७७ टैंकर्स, पुणे विभाग में ८५३ गांव और ४,९५८ बस्तियों में १,००० टैंकर्स, अमरावती विभाग में ४०१ गांवों में ४२४ टैंकर्स, कोकण विभाग में २७४ गावों और ७४३ बस्तियों में १२५ टैंकर्स और नागपुर विभाग में ४० गांवों में ५० टैंकर्स द्वारा जलापूर्ति की जा रही है।