पानी के लिए खूनी संघर्ष, कलावा, मुंब्रा, दिवा में बढ़ी मुश्किलें

कहा जा रहा है कि भविष्य का अगला विश्वयुद्ध पानी को लेकर लड़ा जाएगा। वर्तमान में पानी को लेकर कलवा, मुंब्रा तथा दिवा में गृहयुद्ध छिड़ चुका है। पेय जल संकट से जूझ रहे लोगों के धैर्य का बांध टूटने लगा है। हंडा-कलशी की लाइन लगाए बैठी महिलाएं जहां एक-दूसरे पर ज्यादा पानी लेने के नाम पर टूट पड़ रही हैं, वहीं परिवार के अन्य सदस्यों के बीच खूनी संघर्ष छिड़ चुका है। कलवा, मुंब्रा तथा दिवा सहित शहर के कई क्षेत्रों में सप्ताह में मुश्किल से चार दिनों का पानी मयस्सर हो रहा है। मुंब्रा रेलवे स्टेशन के सामने पानी भरने को लेकर तीन लोगों ने जहां एक युवक पर धारदार हथियारों से हमला कर घायल कर दिया, वहीं सार्वजनिक नलों पर लाइन लगाई महिलाओं के बीच कई जगहों पर मारपीट होने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। जलाशयों में पानी कम बचे होने की वजह से मनपा द्वारा की जा रही पानी की कटौती तथा ऊपर से चोरी को इसका मुख्य वजह माना जा रहा है।
पानी चोर और टैंकर माफिया का गठजोड़
मनपा अधिकारी यह मान रहे हैं कि अवैध भवन निर्माण करनेवाले भवन निर्माताओं तथा टैंकर माफिया द्वारा बड़े पैमाने पर पानी की चोरी की जा रही है। पानी की बढ़ती किल्लत को देखते हुए मनपा अधिकारियों ने भी पानी चोरों के विरुद्ध जोरदार मुहिम छेड़ दी है। पिछले शुक्रवार को मुख्य जलवाहिनी में टेपिंग करते दिवा के दो लोगो को गिरफ्तार किया गया है। इसके पूर्व इसी तरह के मामले में बाप-बेटे को गिरफ्तार किया जा चुका है। दोनों के विरुद्ध मुख्य जलवाहिनी में छेद कर करीब ५ लाख रुपए का पानी चोरी करने का आरोप है। पानी की भारी किल्लत से जूझ रहे लोगों को टैंकर माफिया द्वारा लगातार पानी की आपूर्ति की जा रही है। टैंकर माफिया पानी कहां से ला रहे हैं? इसकी जांच करने की बजाय मनपा अधिकारी यह दावा कर रहे हैं कि अब तक २७१ पानी चोरों के विरुद्ध कार्रवाई की जा चुकी है। पिछले सप्ताह पुलिस ने टैंकर से पानी आपूर्ति करने पर रोक लगा दी थी पर उनके साथ हुई एक बैठक के बाद पुलिस ने रोक हटा ली।