पानी पर मनपा की मनमानी, स्थायी समिति की बैठक में भड़के शिवसेना के नगरसेवक

मुंब्रा तथा दिवा सहित शहर के अनेक हिस्सों में हो रही पानी की किल्लत पर स्थायी समिति की बैठक में शिवसेना सहित अन्य पार्टियों के नगरसेवकों ने गहरी नाराजगी जताई। बिना ओसी के नवनिर्मित गृह संकुलों में तथा तालाबों में पानी की आपूर्ति करने सहित उचित प्रबंधन न कर मनमाने तरीके से पेयजल की आपूर्ति करने का आरोप लगाया। उक्त सभी आरोपों की जांच करने के आदेश दे दिए गए हैं।
गर्मी के मौसम में पानी की कटौती के चलते लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। गर्मी का मौसम अभी शुरू भी नहीं हुआ है इसके बावजूद जगह-जगह हो रही पानी की किल्लत को लेकर माहौल गरमाता जा रहा है। सबसे गंभीर स्थिति दिवा तथा मुंब्रा की है, जहां पांच-पांच दिन तक पानी नहीं आ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर स्थायी समिति की बैठक में शिवसेना के नगरसेवक बेहद आक्रामक हो गए। बैठक में नगरसेवकों ने आरोप लगाया कि मनपा अधिकारियों की मनमानी तथा उचित प्रबंधन के अभाव में पानी की किल्लत हो रही है। शहर में कई ऐसे नवनिर्मित निवासी संकुल हैं, जहां बिना ओसी के पानी का कनेक्शन दे दिया गया है। इतना ही नहीं बैठक में पेयजल आपूर्ति योजना के हिसाब से पेयजल की आपूर्ति न किए जाने तथा गलत बिल भेजकर नागरिकों से जबरदस्ती बिल वसूलने का भी आरोप लगाया गया। बैठक में अधिकारियों ने कुछ जगहों पर गलत बिल भेजने की बात स्वीकार की है। शिवसेना नगरसेवकों के आक्रामक रुख को देखते हुए स्थायी समिति सभापति राम रेपाले ने पूरे आरोपो की जांच करने का आदेश दिया है। उल्लेखनीय है कि अक्टूबर महीने से ही २० प्रतिशत पानी की कटौती शुरू हो गई है। दशकों पुरानी पाइपलाइन में जगह-जगह लीकेज के चलते करीब ३० प्रतिशत पानी व्यर्थ में बह जाता है।