पापा का फोन मोनू को

फोन पर इधर थे पापा,
उधर था मोनू।
बोल रहा था ऐसे,
सुनो मैं बता रहा हूं जैसे।
कल से मेरी परीक्षा है,
बाकी सब यहां पे अच्छा है।
मैं तैयारी खूब कर रहा,
थोड़ा गणित ही कच्चा है।
कल से मेरी परीक्षा है।।
चिंता की कोई बात नहीं,
निपटा दूंगा सब प्रश्न सही।
पहला दर्जा पक्का है पापा,
टेंशन काहे का अच्छा है।
कल से मेरी परीक्षा है।।
पापा का प्यारा पुत्तर,
सपने देखे सत्तर-बहत्तर।
दे जवाब कर रहा निरुत्तर,
पापा बोले अच्छा पुत्तर।
कल से तुम्हारी परीक्षा है।।
पर ध्यान न बंटने पाए बेटा,
गणित में जोड़, घटाना, गुणा, बटा।
मत लिखना खूब सटा-सटा,
वरना पछताओगे यदि अंक कटा।
सुनो, कामना है सबकी,
दादा, दादी, मामा, मामी की।
खूब पढ़ो आगे बढ़ जाओ,
समय चल रहा अच्छा है।
कल से तुम्हारी परीक्षा है।।
-विद्यासागर यादव, सानपाड़ा, नई मुंबई