" /> पालघर लिंचिंग मामला : पांच और आरोपियों को सीआईडी ने दबोचा

पालघर लिंचिंग मामला : पांच और आरोपियों को सीआईडी ने दबोचा

दो साधुओं सहित 3 की हुई थी हत्या
डहाणू के गड़चिंचले की घटना
कोर्ट ने सभी आरोपियों को 14 दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेजा
पालघर जिले के डहाणू  तालुका के गड़चिंचले गांव में हुई दो साधुओं व उनके चालक की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या मामले में सीआईडी उप अधीक्षक इरफान पठान की टीम को बड़ी कामयाबी मिली है। टीम ने बीती 30 अप्रैल को पांच और आरोपियों को गिरप्तार करके उन्हें डहाणू की कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने आरोपियों को 13 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। फिलहाल इस मामले में व्यस्क आरोपियों की संख्या बढ़कर 106 हो चुकी है।
ज्ञात हो कि पिछले महीने 16 अप्रैल को अफवाह की शिकार हुई सैकड़ों लोगों की भीड़ ने दो साधुओं कल्पवृक्ष गिरि महराज, सुशील गिरि महराज व उनके ड्राइवर नीलेश तेलगड़े को बच्चा चोर -लुटेरे समझा और पीट-पीटकर मार डाला। यह घटना डहाणू तालुका में कासा पुलिस स्टेशन अंतर्गत दादरा-नगर-हवेली गुजरात के बॉर्डर पर गड़चिंचले गांव में हुई थी, जिसमें बीच-बचाव करने आए चार-पांच पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए थे। वही इस घटना की खबर पालघर के पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह को मिलते ही उन्होंने कमान अपने हाथ में ले ली और तुरंत घटनास्थल पर दल-बल के साथ पहुंचकर पांच घंटे के अंदर जंगल में भागे आरोपियों की  घेराबंदी करके करीब 101 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, जिसमें 9 आरोपियों के नाबालिग होने के कारण उनको बाल सुधार गृह में भेज दिया था।
मामला राष्ट्रीय मीडिया में तूल पकड़ने पर देश के गृह मंत्री अमित शाह व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना के बारे में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से जानकारी ली और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। उक्त मामले की मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने निंदा करते हुए घटना को हिंदू-मुस्लिम सांप्रदायिकता जैसी घटना को खारिज कर दोषी आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया, वहीं गृह मंत्री अनिल देशमुख ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी आरोपियों की लिस्ट मीडिया के सामने जाहिर की, जिसमें एक भी मुसलमान नहीं था। मामले को उच्चस्तरीय जांच के लिए सीआईडी के वरिष्ठ अधिकांरी अतुल कुलकर्णी को सौंप दिया था। जिसके बाद अपने काम में लापरवाही बरतने पर कासा पुलिस स्टेशन के दो वरिष्ठ अधिकारी सहायक पुलिस निरीक्षक आनंद राव काले व उप निरीक्षक सुधीर कटारे को निलंबित कर दिया, जिसके कुछ दिन बाद पालघर के लिस अधीक्षक गौरव सिंह ने कासा पुलिस स्टेशन के 35 पुलिस अधिकारियों की तत्काल बदली कर दी। जिसमे सीआईडी ने और तीन अधिकारियों को दोषी पाने पर निलंबित  कर दिया है।