पिता की तरह ही बेटी को उतारा गया मौत के घाट

गोवंडी के शिवाजी नगर इलाके में सोमवार को एक शिक्षिका की उसी के पास ट्यूशन पढ़नेवाले १२ वर्षीय नाबालिग बच्चे ने हत्या कर दी थी। एक ओर पुलिस जहां इस हत्या की वजह तलाश रही है, वहीं दूसरी ओर इस बात की चर्चा हो रही है कि जिस तरह १० साल पहले शिक्षिका के पिता की हत्या की गई थी, उसी निर्ममता से शिक्षिका की हत्या की गई। शिक्षिका के शरीर पर चाकू से जिस तरह से हमले किए गए हैं, वह उक्त मासूम हत्यारा बच्चा नहीं कर सकता। पिता की भी हत्या एक नाबालिग बच्चे ने जगह को लेकर की थी। शिक्षिका की हत्या भी एक नाबालिग द्वारा ही की गई, वो भी पैसों के विवाद को लेकर।
बता दें कि सोमवार देर रात एक १२ साल के छोटे बच्चे ने अपनी ट्यूशन टीचर को चाकू घोंपकर मौत के घाट उतार डाला। पुलिस का कहना है कि बच्चा बार-बार अपने बयान बदल रहा है। एक तरफ बच्चा कह रहा है कि वह अपनी मां के कहने पर टीचर से २,००० रुपए मांगने गया और टीचर द्वारा मना कर दिए जाने पर उसने गुस्से में आकर उसे मार डाला, वहीं दूसरी तरफ बच्चे का कहना है कि टीचर को मारने के लिए उसे किसी ने १,००० रुपए दिए थे। बच्चे के बदलते बयान और शिक्षिका के पिता के साथ १० साल पहले हुई घटना पुलिस के लिए संदेह का कारण बन रही है। पुलिस इस मामले में बाकी लोगों से पूछताछ में जुटी है। शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक सुदर्शन पैठनकर का कहना है कि घटना के बाद से ही बच्चे के घर पर लॉक लगा है और उसके माता-पिता का फोन बंद है, जिसके कारण उसके परिजनों से बात नहीं हो पा रही है। पुलिस का कहना है कि घटना के बाद बच्चे की मां के बीमार होने की जानकारी उन्हें मिली है। बच्चे की एक बड़ी बहन भी है।