" /> पीएम मोदी ने काशी की जनता से की बातचीत, नवरात्रि में नौ गरीब परिवार को भोजन कराने की की अपील

पीएम मोदी ने काशी की जनता से की बातचीत, नवरात्रि में नौ गरीब परिवार को भोजन कराने की की अपील

देश में मंगलवार की रात्रि लॉकडाउन घोषित करने के बाद बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र काशीवासियों से एक अभिभावक के तौर पर बात की। उन्होंने कहा मुझे इस संकट की घड़ी में काशी की जनता के साथ होना चाहिए था मगर आप दिल्ली की व्यस्तताओं और गतिविधियों के बारे में जानते होंगे। इससे पूर्व उन्होंने अपने उद्बोधन की शुरुआत काशी की प्राचीन और लोकप्रिय ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष से किया। उन्होंने कहा कि ऐसे में जब देश के सामने इतना बड़ा संकट हो, पूरे विश्व के सामने इतनी बड़ी चुनौती हो, तब मुश्किलें नहीं आएंगी, सब कुछ अच्छा होगा, ये कहना अपने साथ धोखा करने जैसा होगा। जो तकलीफें आज हम उठा रहे हैं, जो मुश्किल आज हो रही है, उसकी उम्र फिलहाल 21 दिन ही है। लेकिन अगर कोरोना का संकट समाप्त नहीं हुआ, इसका फैलना नहीं रुका तो कितना ज्यादा नुकसान हो सकता है, इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है

इस बीच सांसद नरेंद्र मोदी ने सुखद खबर देते हुए बताया कि कोरोना से संक्रमित दुनिया में 1 लाख से अधिक लोग ठीक भी हो चुके हैं और भारत में भी दर्जनों लोग कोरोना के शिकंजे से बाहर निकले हैं। कल तो एक खबर में देख रहा था कि इटली में 90 वर्ष से ज्यादा आयु की माताजी भी स्वस्थ हुई हैं। लेकिन हाँ, नागरिक के रूप में हमें अपने कर्तव्य करते रहना चाहिए, हमें सोशल डिस्टेंसिंग पर ध्यान देना चाहिए। हमें घर में रहना चाहिए और आपस में दूरी बनाए रखना चाहिए। कोरोना जैसी महामारी से दूर रहने का अभी यही एकमात्र उपाय है। इस वक्त अंधविश्वास से, अफवाह से भी हमे बचना है। हमें ये ध्यान रखना है कि अभी तक कोरोना के खिलाफ कोई भी दवाई, कोई भी वेक्सीन पूरी दुनिया में नहीं बनी है। इस पर हमारे देश में भी और दूसरे देशों में भी काम तेज़ी से चल रहा है। दुनिया के कुछ देशों में अपनी मर्ज़ी से दवाएं लेने के कारण कैसे जीवन संकट में पड़ रहे हैं, अस्पतालों में लोग 18-18 घंटे काम कर रहे हैं। कई जगह अस्पतालो में, हेल्थ सेक्टर से जुड़े लोगों को 2-3 घंटे से ज्यादा सोने को नहीं मिल रहा। कितने ही सिविल सोसायटी के लोग हैं जो गरीबों की मदद के लिए दिन-रात एक किए हुए हैं। बीते कुछ वर्षों में एक परंपरा शुरू हुई है कि एयरपोर्ट पर जब लोग फौज के जवानों को देखते हैं तो उनके सम्मान में खड़े हो जाते हैं, कुछ लोग तालियां भी बजाते हैं। ये आभार प्रकट करने का तरीका हमारे संस्कारों में दिनों बढ़ना ही चाहिए। हमारे समाज में ये संस्कार दिनों-दिन प्रबल हो रहा है, कि जो देश की सेवा करते हैं, जो देश के लिए खुद को खपाते हैं, उनका सार्वजनिक सम्मान भी होते रहना चाहिए।

प्रधानमंत्री मंत्री ने अपने उद्बोधन में बच्चो का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि मैं देख रहा हूं कि मानव जाति, कैसे इस वैश्विक संकट से जीतने के लिए एक साथ आगे आई है। और इसमें भी सबसे बड़ी भूमिका निभा रहे हैं मेरी बालक सेना। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में, काशी सबका मार्गदर्शन कर सकती है, सबके लिए उदाहरण प्रस्तुत कर सकती है। उन्होंने कहा कि नौ दिनों तक शक्ति उपासना होनी है ऐसे में नौ दिनों तक हर व्यक्ति नौ गरीब परिवारों को भोजन उपलब्ध कराये और साथ ही आसपास रहने वाले जानवरों के भी भोजन का प्रबंध कराएं। आप जानते हैं, नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। मां शैलपुत्री स्नेह, करुणा और ममता का स्वरूप हैं। उन्हें प्रकृति की देवी भी कहा जाता है। आज देश जिस संकट के दौर से गुजर रहा है, उसमें हम सभी को मां शैलसुते के आशीर्वाद की बहुत आवश्यकता है।