" /> पुणे से नाशिक@ २ घंटे में, रिकॉर्ड समय में पूरी होगी रेल परियोजना परियोजना की विशेषताएं

पुणे से नाशिक@ २ घंटे में, रिकॉर्ड समय में पूरी होगी रेल परियोजना परियोजना की विशेषताएं

 २३५ किमी लंबी रेलवे लाइन
 मार्ग रेलवे पुणे, नगर और नाशिक जिलों से होकर गुजरेगा।
 ट्रेन की गति २०० किमी से २५० किमी प्रति घंटा तक होगी।
 पुणे-नाशिक की दूरी केवल दो घंटे में तय होगी। समय के साथ र्इंधन की बचत इसलिए पर्यावरण के अनुकूल परियोजना।  पुणे-नाशिक के बीच २४ स्टेशनों की योजना।

पुणे से नाशिक की यात्रा आनेवाले दिनों में सुगम हो जाएगी। सिर्फ २ घंटे में यह यात्रा पूरी की जा सकेगी। रेलवे इस क्षेत्र में एक सेमी हाई स्पीड डबल लाइन की परियोजना पर काम कर रही है। यह ‘राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जो यात्री सेवाओं के साथ-साथ कृषि उत्पादों और माल ढुलाई को प्रोत्साहन देगी। पुणे-नाशिक शहरों के साथ-साथ पुणे, नगर और नासिक जिलों के विकास को भी गति मिलेगी। इस बारे में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि ‘कोरोना’ के संकट के बावजूद, हम जनप्रतिनिधियों के विश्वास और उनके सहयोग से परियोजना को रिकॉर्ड समय के अंदर पूरा करेंगे। इस परियोजना के लिए धन की कोई कमी नहीं होगी।

महाराष्ट्र रेलवे इन्प्रâास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड की ओर से ‘पुणे-नासिक सेमी हाई स्पीड रेलवे प्रोजेक्ट’ और ‘महारेल’ की प्रस्तुति मंत्रालय में उपमुख्यमंत्री के हॉल में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की अध्यक्षता में की गई । इस मौके पर उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने उक्त बातें कहीं। इस अवसर पर राजस्व मंत्री बालासाहेब थोराट, श्रम मंत्री दिलीप वालसे-पाटील, परिवहन मंत्री अनिल परब, परिवहन राज्य मंत्री सतेज पाटील, सांसद डॉ. अमोल कोल्हे, सांसद हेमंत गोडसे, विधायक दिलीप मोहिते-पाटील, विधायक अशोक पवार, विधायक चेतन तुपे, विधायक सदाशिव लोखंडे, विधायक डॉ. किरण लोहमेट, विधायक सरोज अहिरे आदि उपस्थित थे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि पुणे और नासिक औद्योगिक और कृषि विकास में अग्रणी दो शहर हैं। पुणे-नाशिक सेमी हाई स्पीड रेलवे प्रोजेक्ट इन दो स्मार्ट शहरों को जोड़ने के लिए उपयोगी होगा। यह परियोजना पुणे, नगर और नासिक के तीन जिलों में पर्यटन, शिक्षा, कृषि, व्यापार और उद्योग के विकास को गति प्रदान करेगी। इसी के साथ, रेलवे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर प्रदान करेगा। यह परियोजना, जिसे बहुत कम लागत पर पूरा किया जाएगा, जिसके परिणामस्वरूप पुणे-नाशिक की यात्रा के समय में भारी बचत होगी। यह दूरी महज दो घंटे में तय की जाएगी।

वहीं, प्रभावित किसानों को मौजूदा भूमि अधिग्रहण कानून के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा। व्यापार के लिए स्टॉल प्रदान करते समय इस मार्ग पर रेलवे स्टेशन पर परियोजना प्रभावित लोगों के साथ स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी।