" /> पुनर्वसन की परेशानी खत्म ‘गिरगांव मेट्रो’ ने पकड़ी रफ्तार

पुनर्वसन की परेशानी खत्म ‘गिरगांव मेट्रो’ ने पकड़ी रफ्तार

गिरगांव, कालबादेवी जैसे इलाके मुंबई के औद्योगिक इलाकों में से एक हैं। अंडरग्राउंड मेट्रो इन इलाकों से होकर गुजरेगी। करीब १०० साल से यहां रह रहे स्थानीय लोगों के पुनर्वसन का मुद्दा हल होने के बाद इन इलाकों में हो रहे अंडरग्राउंड मेट्रो के निर्माण ने रफ्तार पकड़ना शुरू कर दिया है। जानकारी के मुताबिक गिरगांव मेट्रो स्टेशन का काम करीब ५ फीसदी पूरा हो चुका है जबकि ग्रांट रोड मेट्रो स्टेशन का काम १६ फीसदी पूरा होने के कगार पर है।
मेट्रो स्टेशन का काम ६० फीसदी पूरा
कोलाबा-बांद्रा-सीप्ज अंडरग्राउंड मेट्रो-३ के अंतर्गत कुल २७ स्टेशन होंगे। इस रूट पर आनेवाले अधिकांश मेट्रो स्टेशन का निर्माण कार्य करीब ६० फीसदी पूरा हो चुका है। केवल स्थानीय लोगों के पुनर्वसन को लेकर गिरगांव मेट्रो स्टेशन और ग्रांट रोड मेट्रो स्टेशन के निर्माण कार्य में देरी हो रही थी। फिलहाल एमआईडीसी मेट्रो स्टेशन का काम ७१ फीसदी, मरोल नाका मेट्रो स्टेशन का काम ६६ फीसदी और सिद्धिविनायक मेट्रो स्टेशन का काम ६८ फीसदी पूरा हो चुका है।
अंडरग्राउंड मेट्रो गिरगांव और कालबादेवी के जिन परिसरों से होकर गुजरनेवाली है। वहां पर करीब १०० साल से लोग रहते हैं। इस योजना के शुरुआत में स्थानीय लोगों ने मेट्रो का विरोध किया था और मेट्रो के मार्ग बदलने की मांग की थी। एमएमआरसीएल की योजना स्थानीय लोगों का पुनर्वसन कहीं और करने की थी लेकिन शिवसेना के हस्तक्षेप के बाद तत्कालीन सरकार को झुकना पड़ा और स्थानीय लोगों का पुनर्वसन इसी इलाके में किए जाने के मुद्दे पर सहमति बनी तब जाकर इस परियोजना के निर्माण कार्य को ग्रांट रोड और गिरगांव स्टेशन के निर्माण कार्य को गति मिलना शुरू हुआ है।
८० प्रतिशत टनल तैयार
कोलाबा-बांद्रा-सीप्ज के बीच बन रहे मेट्रो-३ के पूरे मार्ग पर करीब ८० प्रतिशत तक टनल निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है। इस दिसंबर, २०२० तक टनल का काम पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मीठी नदी का काम हुआ पूरा
एमएमआरसीएल ने मीठी नदी के नीचे बन रहे टनल का काम भी पूरा कर लिया है। मुंबई की पहली अंडरग्राउंड मेट्रो को धारावी से बीकेसी तक पहुंचाने के लिए मीठी नदी के करीब २१ मीटर नीचे टनल तैयार किया गया है। एमएमआरसीएल की योजना दिसंबर, २०२१ से आरे से बीकेसी के बीच पहली मेट्रो चलाने की योजना पर काम कर रही है। जून, २०२२ तक पूरे मार्ग पर मेट्रो शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।