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पुराने पन्ने: चरित्रहीन! रिश्तों में जहर घोलते नाजायज रिश्ते

विवाहेत्तर संबंधों के संदेह में लोग बन रहे हैं शैतान
चरित्र संदेह के कारण पति ने दिया पत्नी को जहर

मोबाइल और इंटरनेट संस्कृति के कारण लोगों में आधुनिक बनने की होड़ बढ़ी है। सेक्स में खुलापन आने से वैवाहिक रिश्तों में बेवफाई के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल रही है। नतीजतन विवाहेत्तर संबंधों के कारण होनेवाले अपराध भी तेजी से बढ़ रहे हैं। आज हत्या की ज्यादातर घटनाएं एकतरफा प्यार, विवाहेत्तर संबंध या फिर प्यार में बेवफाई के कारण घट रही हैं। शक की एक चिंगारी बसे-बसाए परिवार को बर्बाद कर रही है। लोग हत्या जैसा अप्रत्याशित एवं गैरकानूनी कदम उठाने से भी बाज नहीं आते हैं। सोलापुर में शक के कारण पत्नी की हत्या का प्रयास करनेवाले एक शख्स को हाल ही में कोर्ट ने १० वर्ष कारावास की सजा सुनाई है।
सोलापुर में चरित्र संदेह के कारण पत्नी को विष देकर मारने का प्रयास करनेवाले आरोपी पति को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वी.जी. मोहिते ने १० साल वैâद की सजा सुनाई है।
सोलापुर के मोहोल तालुका स्थित वाघोली बस्ती में रहनेवाले नामदेव रामचंद्र चोरमुले अपनी पत्नी हिना (बदला हुआ नाम) के चरित्र पर संदेह करता था। ४४ वर्षीय नामदेव को शक था कि हिना का किसी गैर मर्द के साथ नाजायज संबंध हैं। नामदेव १ अगस्त, २०१५ की रात ८ बजे घर लौटा तो हिना घर में मौजूद नहीं थी। नामदेव को लगा कि हिना अपने प्रेमी के साथ कहीं गई होगी जबकि हिना उस वक्त पड़ोस में रहनेवाली अपनी बड़ी बहन के घर में बैठी थी। गुस्साया नामदेव मोहल्ले में घूमकर एवं हिना की बहन के घर जाकर जोर-जोर से गाली देने लगा। शोर सुनकर हिना घर से बाहर निकली तथा वह चुप-चाप अपने घर चली आई। उस रात नामदेव पूरी रात हिना को गाली देता रहा। अगले दिन सुबह वह काम पर तो चला गया लेकिन रात में ९ बजे के करीब जब घर लौटा तो उसके हाथ में विष की बोतल थी। उसने हिना पर बदचलन होने का लांछन लगाया और मारपीट करने लगा। इसी दौरान उसने हिना को जमीं पर गिरा दिया और उसके छाती पर बैठ गया। वह विष की बोतल खोलकर जहर जबरन हिना के मुंह में उड़ेलने लगा। शोर सुनकर पड़ोसी और रिश्तेदार वहां पहुंच गए। इस दौरान विष के प्रभाव से हिना बेहोश हो गई थी। रिश्तेदारों ने तत्परता दिखते हुए हिना को सोलापुर स्थित सरकारी अस्पताल में पहुंचाया। कड़ी मशक्कत के बाद डॉक्टर हिना को बचाने में सफल हुए थे। हिना की शिकायत पर मोहोल पुलिस ने आईपीसी की धारा ३०७, ५०४ के तहत मामला दर्ज करके नामदेव चोरमुले को गिरफ्तार किया था। एपीआई सचिन म्हेत्रे व डी.बी. खैरे ने मामले की जांच करके न्यायालय में दोष पत्र दायर किया। पुलिस की जांच रिपोर्ट एवं सरकारी वकील एडवोकेट अहमद काझी की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने नामदेव को दोषी मान लिया। आरोपी नामदेव ने पहले भी हिना को मारने की कोशिश की थी। उसने एक बार घासलेट डालकर हिना को जलाने का प्रयास भी किया था इसलिए सरकारी वकील ने उसे कड़ी सजा देने की मांग की थी। अंतत: १० गवाहों की गवाही के आधार पर कोर्ट ने नामदेव को १० साल सख्त वैâद एवं १० हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं भरने पर उसे और एक साल जेल में बिताना होगा।