पुराने पन्ने : मजबूर!

बेरोजगार से बनाए समलैंगिक संबंध

विज्ञापन विशेषज्ञ ने गंवाई थी जान
पर्स से सलाखों के पीछे पहुंचा हत्यारा
आज से ६ साल पहले मालाड-पश्चिम स्थित बांगुरनगर इलाके में घटी थी। उक्त घटना में विज्ञापन एजेंसी से जुड़े ४७ वर्षीय व्यक्ति की उसी के घर में हत्या कर दी गई थी। समलैंगिक संबंधों के कारण हुई हत्या के इस मामले में अब कोर्ट ने २६ वर्षीय हत्यारे को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
४७ वर्षीय चेतन परसराम भारद्वाज बांगुरनगर (मालाड-पश्चिम) के रुस्तमजी एलांजा इमारत में सी विंग, २६ वीं मंजिल स्थित फ्लैट में अपनी माता-पिता के साथ रहते थे। ८ सितंबर, २०१३ को चेतन अपने परिवार के साथ ठाणे जिले के मीरा-भाइंदर रोड इलाके में रहनेवाले रिश्तेदार सतीश (बदला हुआ नाम) के घर गणपति उत्सव के उपलक्ष्य में गए थे। १५ अक्टूबर, २०१९ को चेतन काम के बहाने मालाड स्थित अपने घर के लिए निकला था जबकि इस दौरान उसके माता-पिता ठाणे में सतीश के घर ही ठहरे थे। अगले दिन (१६ अक्टूबर, २०१३) को चेतन तो नहीं लौटा लेकिन सतीश के मोबाइल फोन पर सांताक्रुज से एक ऑटो रिक्शाचालक ने फोन किया और बताया कि उसे चेतन का पर्स मिला है, जिसमें चेतन का लाइसेंस एवं अन्य दस्तावेज हैं। ऑटो रिक्शाचालक ने सतीश से ऑटोरिक्शा यूनियन ऑफिस में आकर पर्स ले जाने को कहा था। सतीश ने जब चेतन से उसके मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया तो उसका मोबाइल फोन बंद था, जिसके बाद सतीश अपने एक अन्य परिचित को साथ लेकर चेतन को ढूंढ़ने उसके घर पहुंच गया। डुप्लिकेट चाबी से बांगुरनगर स्थित चेतन के फ्लैट का सेफ्टी डोर खोला तो अंदर का मुख्य दरवाजा आधा खुला देखकर वे हैरान रह गए। सतीश और उसके मित्र चेतन के घर में दाखिल हुए तो उनके मुंह से चीख निकल गई। कमरे में फर्श पर खून से सने पैरों के निशान थे जबकि बेडरूम में दरवाजे के पास फर्श पर काफी खून पैâला था और कमरे के पश्चिमी हिस्से में स्थित ड्रेसिंग टेबल के पास चेतन लहूलुहान अवस्था में अचेत पड़ा मिला। उसकी गर्दन, पेट व शरीर के अन्य हिस्सों में जख्मों के निशान थे। जांच के बाद डॉक्टर ने चेतन को मृत घोषित कर दिया।
सुराग ढूंढ़ने की चुनौती
१५-१६ अक्टूबर की रात में हुआ यह कत्ल बंद कमरे में किया गया था इसलिए पुलिस के लिए हत्यारे के बारे में सुराग ढूंढ़ने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई थी। मौके से चेतन का पर्स, ३ मोबाइल फोन और लैपटॉप आदि गायब था। जांच अधिकारियों ने बारीकी से कमरे की तलाशी तो कमरे से पैâब्रिकेटर (एल्यूमीनियम विंडो बनानेवाले) नवाज सिद्दीकी का कोटेशन पुलिस के हाथ लग गया। पुलिस ने कोटेशन में दी गई नवाज के मोबाइल फोन नंबर की कॉल डिटेल निकाली तो उसकी लोकेशन चेतन के घर के आसपास की मिली जबकि चेतन के कॉल डिटेल से पुलिस को यह पता चला कि हत्या के बाद उसके मोबाइल फोन से एक अज्ञात नंबर पर बात की गई थी। पुलिस ने जब उस नंबर पर संपर्क किया तो पता चला कि चेतन के फोन का इस्तेमाल नवाज ने किया था। पूछताछ के दौरान नवाज ने बताया कि वह पैâब्रिकेशन के व्यवसाय में नया था। करीब सालभर पहले उसकी पहचान चेतन से हुई थी। चेतन ने अपने संपर्कों से नवाज को व्यवसाय बढ़ाने में मदद का झांसा दिया लेकिन बदले में शारीरिक संबंध बनाने की मांग की थी। जल्द कामयाबी पाने की चाह में नवयुवक नवाज, चेतन के झांसे में फंस गया। चेतन ने कई बार नवाज को संबंध बनाने के लिए मजबूर किया था लेकिन काम एक भी नहीं दिलाया। इससे नवाज नाराज था। घटनावाले दिन चेतन ने नवाज को एक बार फिर काम दिलाने के बहाने घर बुलाया था और वह उस पर संबंध बनाने के लिए दबाव डाल रहा था। इसी दौरान गुस्साए नवाज ने चाकू से चेतन पर हमला कर दिया। हत्या के बाद नवाज, चेतन का ३ मोबाइल फोन, लैपटॉप एवं पर्स लेकर भाग गया। पर्स २,३०० रुपए निकालकर नवाज ने पर्स ऑटोरिक्शा में फेंक दिया था। उसी पर्स ने नवाज को सलाखों के पीचे पहुंचा दिया। दिंडोशी स्थित सत्र न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद गुरुवार को नवाज को दोषी करार दिया था। कल कोर्ट ने नवाज को हत्या के आरोप में उम्रवैâद की सजा सुनाई।