पुलिस की कमी से बढ़े मुंबई में अपराध, ‘प्रजा’ का पंचनामा

बलात्कार में दक्षिण मुंबई आगे
छेड़छाड़ में उपनगर अव्वल
हत्या, चोरी और चेन स्नैचिंग घटी

मुंबई पुलिस की तुलना विश्व में सर्वश्रेष्ठ मानी जानेवाली स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस से की जाती है। सीमित संसाधनों के बावजूद मुंबई पुलिस ने यह रुतबा हासिल किया है। मुंबई पुलिस की बदौलत मुंबई को दुनिया के सुरक्षित शहरों में एक माना जाता है लेकिन मुंबई की बढ़ती आबादी के अनुपात में पुलिस बल कम पड़ते जा रहे हैं। इसका असर यहां कानून-व्यवस्था पर पड़ रहा है। मुंबई में अपराध और कानून-व्यवस्था का गैर सरकारी संगठन ‘प्रजा’ फाउंडेशन ने पंचनामा किया है। ‘प्रजा’ द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार मुंबई में पुलिस बल आवश्यकता से २२ फीसदी कम है, इसका असर कानून-व्यवस्था पर पड़ रहा है।
‘प्रजा’ फाउंडेशन द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान में मुंबई पुलिस में आवश्यक संख्या से ३३ प्रतिशत पुलिस उपनिरीक्षक, ३५ प्रतिशत पुलिस निरीक्षक तथा ३२ प्रतिशत पुलिस निरीक्षक कम हैं। इसका असर पुलिस के काम पर पड़ रहा है। कानून को लागू करने में या दर्ज मामलों की जांच में पुलिस को परेशानी का सामना करना पड़ता है। जांच की गुणवत्ता प्रभावित होती है तथा कई मामले में आरोपी आसानी से छूट जाते हैं। काम का बोझ बढ़ने से पुलिसकर्मी तनाव का शिकार होते हैं। कई बार इसका गुस्सा वे पुलिस थाने में आनेवाले लोगों पर निकालते हैं, इससे पुलिस की छवि खराब होती है। लोग पुलिस थाने में जाने तथा शिकायत करने से कतराते हैं। ‘प्रजा’ द्वारा २४,९२० परिवारों के बीच किए गए सर्वे में ३२ फीसदी लोगों ने पुलिस और कानून में अविश्वास जताया है तो वहीं २३ फीसदी लोगों ने पुलिसकर्मियों के बातचीत और व्यवहार को आपत्तिजनक बताया। इसलिए किसी घटना के बाद २५ फीसदी लोग पुलिस को सूचना देने से परहेज रखने का समर्थन करते नजर आए। बात अपराध की करें तो मुंबई में बलात्कार, छेड़छाड़ खासकर बच्चों के लैंगिक शोषण के मामले में बेतहाशा वृद्धि दर्ज हुई है। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष २०१३-१४ की तुलना में वर्ष २०१७-१८ में मुंबई में बलात्कार के मामलों में ८३ फीसदी बढ़ोत्तरी हुई है। इसी तरह छेड़छाड़ के मामले ९५ फीसदी बढ़े हैं। वर्ष २०१५-१६ में पोक्सो के तहत ८९१ मामले दर्ज हुए थे जो कि वर्ष २०१७-१८ में बढ़कर १०६२ तक पहुंच गए हैं। बलात्कार के मामले में ८३ फीसदी जबकि छेड़छाड़ के मामले में ९५ फीसदी बढ़ोत्तरी हुई है। पिछले ५ वर्षो में दक्षिण मुंबई में १७२, उत्तर पूर्व मुंबई में ९९ फीसदी तथा उत्तर मुंबई में ९८ फीसदी बलात्कार के मामले बढ़े हैं। छेड़छाड़ की बात करें तो उत्तर मुंबई में १८६ फीसदी, उत्तर पश्चिम में १४८ फीसदी तथा उत्तर मध्य मुंबई में ९१ फीसदी वृद्धि दर्ज हुई है जबकि मुंबई में हत्या, चोरी और चेन स्नैचिंग के मामले काफी कम हुए हैं।