पुलिस की पनौती

यवतमाल में हत्या
मुंबई में खुदकुशी
पुणे के हादसे में मौत

पुलिस लोगों की सुरक्षा के लिए होती है। पुलिस के भरोसे लोग वक्त-बेवक्त घरों से बाहर निकलते हैं और बेफिक्र रहते हैं लेकिन लगता है कि इसी पुलिस पर इन दिनों पनौती लग गई है। एक तरफ मुंबई सहित महाराष्ट्र में पुलिसकर्मियों के खिलाफ एक के बाद एक रिश्वतखोरी, चोरी व बलात्कार जैसे संगीन आरोप लग रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिसकर्मी लोगों के आक्रोश का शिकार बन रहे हैं।
कहीं छुट्टी न मिलने से परेशान होकर तो कहीं ड्यूटी के दौरान पेश आनेवाले तनाव से ग्रस्त होकर खुदकुशी कर ले रहे हैं। बीते तीन दिनों में एक पुलिसकर्मी की हत्या तथा दो पुलिकर्मियों की खुदकुशी पुलिस पर पनौती का दूसरा प्रमाण है। पहले मामले में हत्या के आरोपी को वारंट देने गए कांस्टेबल राजेंद्र कुलमथे को अनिल अत्राम नामक आरोपी ने पीट-पीटकर मार डाला। दूसरी घटना में माहिम पुलिस थाने में तैनात पुलिसकर्मी विनोद जाधव ने अपने ही घर में फांसी लगा ली। एक अन्य घटना में अंबोली पुलिस थाने में तैनात पीएसआई की लाश पुणे में रेल पटरियों के बीच मिली।