" /> पुलिस, डॉक्टर, नर्स का सहारा बना मुंबई का रोटीघर!

पुलिस, डॉक्टर, नर्स का सहारा बना मुंबई का रोटीघर!

लॉकडाउन में नियमों का सख्ती से पालन कराते पुलिसकर्मी, कोरोना मरीजों की सेवा में जुटे डॉक्टरों और नर्सों के लिए जीईओ संस्था का रोटीघर वरदान साबित हो रहा है। साउथ-मध्य मुंबई में स्थित रोटीघर विभिन्न पुलिस स्टेशन, अस्पतालो में कार्यरत लोगों को भोजन, ड्रायफ्रूट और पानी पहुंचाने के कार्य में जुटा है। इतना ही नहीं मूक पंछी, सड़कों पर घूमते जानवरों की सेवा में पूरी टीम जुटी हुई है।अब तक संस्था ने करीब चार हजार से अधिक गरीबों को राशन की किट, भोजन आदि खाद्य पदार्थों का वितरण संस्था रोटीघर कर चुका है।
गौरतलब है कि कोरोना महामारी की भयंकर त्रासदी में  मुंबई के अनेक सामाजिक संस्थाएं सेवा कार्य में जुटी हुई हैं। इन्हीं संस्थाओं में एक गुजराती इनरिच मेंट ऑर्गेनाइज़ेशन (जीईओ) नामक संस्था निस्वार्थ भाव से सेवा का कार्य कर रही है, जहां कोराना के भय से आज पूरा देश अपने घरों में बंद है वहीं इस युद्ध में पुलिस, डॉक्टर, नर्स अपने घर-परिवार को छोड़कर महामारी से मुकाबला कर रहे हैं। इन दिनों इनके सामने समय पर भोजन, पानी आदि मिलना भारी मुश्किल हो रहा है, ऐसे में रोटीघर इन योद्धाओं को वरदान साबित हो रहा है। साउथ मुंबई के कई पुलिस स्टेशन, अस्पताल में रोटीघर भोजन, पानी, छाछ का वितरण कर रहा है। साथ ही सायन, माटुंगा, अंटापहिल, प्रतीक्षा नगर, धारावी, कोलीवाड़ा आदि इलाकों में जीईओ रोटीघर की ओर से गरीबों को राशन के किट वितरित किए जा रहे हैं। संस्था के संगठन प्रबंधक मनीष शाह ने बताया कि हमारा संगठन पहले मुंबई में रहनेवाले मजदूर, गरीबों के लिए कार्य करता था। आज हमारा सौभाग्य है कि हमें कोरोना योद्धाओं की सेवा का अवसर मिला है, वहीं इस कार्य में राजेश शाह, मितेश शाह, राजेश दुबे,चेतन शाह अपना योगदान दे रहे हैं।