पूर्वी उपनगर बना अपराध का गढ़, रोज दर्ज हुई २० एफआईआर

कीर्ति व्यास, सिद्धार्थ संघवी, अजा तेजसिंह लामा, मॉडल मानसी दीक्षित, पैâशन डिजाइनर सुनीता सिंह तथा राजेश्वर उदानी हत्याकांड सहित हत्या, लूट एवं बलात्कार की कई सनसनीखेज घटनाएं बीते वर्ष मुंबई में घटी थीं। पुलिस ने अपनी मेहनत और सूझबूझ से इन मामलों की गुत्थी सुलझाई और आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया लेकिन इस दौरान मुंबई का पूर्वी उपनगर अपराध का गढ़ बनकर सामने आया। इस क्षेत्र में बीते ११ महीनोें में रोज प्रतिदिन २० वारदातें घटी हैं, जिनकी शिकायतें स्थानीय पुलिस थानों में दर्ज हुई हैं।
बता दें कि पूर्वी उपनगर अंतर्गत आनेवाला मुलुंड, नाहुर, चेंबूर, मानखुर्द गोवंडी, देवनार इलाके में बहुमंजिला इमारतों के साथ-साथ झोपड़पट्टियों की भरमार है। जनवरी, २०१८ से नवंबर, २०१८ के बीच ७,५२० एफआईआर दर्ज हुई हैं। इनमें बलात्कार के १९९, चोट पहुंचाने के १,१८६ मामले, दंगे के १,११८ मामले, चोरी के ९१३ मामले, वाहन चोरी के ५०५ तथा घरों में चोरी के ४४९ मामले पिछले ११ महीनों में दर्ज हुए हैं। इस दौरान पिछले वर्ष ५३५ की तुलना में घरों में चोरी के मामले तो घटे हैं लेकिन हत्या के मामले बढ़कर ४७ पहुंच गए हैं, जो कि वर्ष २०१७ की इसी अवधि में महज २६ थे। इस वर्ष भांडुप और शिवाजी नगर में हत्या के सर्वाधिक ११-११ मामले दर्ज हुए। इनमें सर्वाधिक चर्चित रहा अब्दुल अली खान और उनके दो बेटों की हत्या का ट्रिपल मर्डर केस। २०१७ के ६८ मामलों की तुलना में पिछले ११ महीनों में इस क्षेत्र में हत्या के प्रयास के १४४ मामले दर्ज हुए हैं। गौरतलब हो कि इस क्षेत्र के अंतर्गत जोन-६ में चेंबूर, नेहरू नगर, ट्रांबे, आरसीएफ देवनार, शिवाजी नगर, तिलक नगर, मानखुर्द, चुनाभट्ठी, गोवंडी आदि पुलिस थाने आते हैं। इसी तरह जोन- ७ के अंतर्गत घाटकोपर, पंतनगर, विक्रोली, पार्कसाइट, भांडुप, कांजुरमार्ग, मुलुंड और नवघर पुलिस थाने आते हैं। पूर्वी प्रादेशिक विभाग के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त लख्मी गौतम ने मीडिया के समक्ष दावा किया है कि जोन- ६ में दर्ज ३,७४१ में ७४ फीसदी जबकि जोन- ७ में दर्ज ३,३७९ मामलों में से ७० फीसदी मामलों की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। जबकि बलात्कार के १९५ मामलों में आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।