" /> एक मेहनती न्यायविद् व मजबूत व्यक्तित्व को खो दिया! पूर्व न्यायाधीश बी.एन. देशमुख  के निधन पर मुख्यमंत्री ने शोक व्यक्त किया

एक मेहनती न्यायविद् व मजबूत व्यक्तित्व को खो दिया! पूर्व न्यायाधीश बी.एन. देशमुख  के निधन पर मुख्यमंत्री ने शोक व्यक्त किया

मुंबई उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश बी.एन देशमुख के  निधन से राज्य ने एक मेहनती न्यायविद् और एक मजबूत व्यक्तित्व को भी खो दिया है, जिन्होंने अपने कानूनी पेशे के माध्यम से श्रमिकों के उचित अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी। इन शब्दों में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने न्यायाधीश देशमुख के निधन पर शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायाधीश देशमुख  सामाजिक मुद्दों पर ऐतिहासिक निर्णय देनेवाले न्यायाधीश के रूप में केवल महाराष्ट्र ही नहीं बल्कि पूरे देश जाने जाते थे। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में भी वकालत की।  संभाजीनगर में मुंबई उच्च न्यायालय की खण्डपीठ स्थापित करने में, न्यायाधीश देशमुख ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।  शुरू से ही कानून का अभ्यास करते हुए, उन्होंने समाज में वंचितों और मेहनतकश लोगों की आवाज के रूप में काम करना पसंद किया।  चाहे वह गन्ना उगाने वाला किसान हो या कोई अन्य मजदूर, उनको उनका अधिकार दिलाने का काम प्रमुख रूप से किया ओर उसी के अनुसार निर्णय लिया। उनके निधन से कानूनी क्षेत्र की हानि तो हुई ही है, उसी प्रकार सामाजिक क्षेत्र का भी भारी नुकसान हुआ है। अपने विधायक कार्यकाल के दौरान अनेक सामाजिक प्रश्नों को उठाने ओर निवारण करने का काम न्यायाधीश देशमुख ने किए थे। उनके निधन से राज्य व देश को अपूर्णीय क्षति हुई है। ऐसे शब्दों में मुख्यमंत्री ने देशमुख के निधन पर संवेदना व्यक्त की है।