पूर्व विधानसभाध्यक्ष सुमित्रा ने थामा कांग्रेस का हाथ

टिकट नहीं मिलने से नाराज चल रहीं पूर्व विधानसभाध्यक्ष सुमित्रा सिंह ने चुनाव से सात दिन पहले भाजपा को बड़ा झटका देते हुए कांग्रेस का हाथ थाम लिया। सिंह के साथ ही पार्टी के अल्पसंख्यक नेता सलावत खान और पूर्व विधायक रविंद्र बोहरा और उनके पुत्र विवेक बोहरा भी भाजपा छोड़कर कांग्रेस के खेमे में आ गए हैं। चारों नेताओं ने कल पीसीसी में कांग्रेस का घोषणा-पत्र जारी होने के बाद पीसीसी चीफ सचिन पायलट और पूर्व सीएम अशोक गहलोत की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
सुमित्रा सिंह झुंझुनूं जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से १३ बार विधानसभा चुनाव लड़ चुकी हैं। इनमें से उन्होंने नौ बार जीत दर्ज कराई थी। सिंह वर्ष २००३ में बनी वसुंधराजे सरकार में विधानसभाध्यक्ष रह चुकी हैं। सिंह पहले कांग्रेस में हीं थीं। वर्ष २००३ में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुई थीं। उसके बाद झुंझुनूं से विधायक का चुनाव लड़ा और जीत दर्ज करवाकर विधानसभा अध्यक्ष बनीं।