पेट्रोल की मौजूदा रफ्तार दिवाली में १०० के पार!

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आग लगी हुई है। रोजाना तेल के दाम बढ़ाए जा रहे हैं। इसका असर रोजमर्रा के उपभोक्ता सामानों पर हो रहा है और वे महंगे होते जा रहे हैं। रोज-रोज बढ़नेवाली इस महंगाई के कारण पूरे देश में जनता हलाकान हो रही है। कल कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों ने पेट्रोल-डीजल की इस बढ़ती कीमतों के खिलाफ भारत बंद का आयोजन किया था। मगर हास्यास्पद बात यह थी कि एक तरफ जहां सरकार के इस फैसले के खिलाफ बंद का आयोजन किया जा रहा था, वहीं दूसरी तरफ कल एक बार फिर पेट्रोल और डीजल के दाम में २३ पैसे की बढ़ोत्तरी कर दी गई, जिससे मुंबई में पेट्रोल का दाम बढ़कर कल ८८.१२ रुपए और डीजल ७७.३२ रुपए हो गया।
सरकार जिस तरह तेल के दाम ब़ढ़ा रही है और उसके मंत्री कह रहे हैं कि तेल की कीमतों पर सरकार का नियंत्रण नहीं है, उससे यही प्रतीत होता है कि कीमतें अभी और भी बढ़ेंगी। जानकारों का मानना है कि अगर कीमतें इसी रफ्तार से बढ़ती रहीं तो करीब डेढ़ महीने में पेट्रोल मुंबई में १०० रुपए का हो जा सकता है। पिछले १८ दिनों की बढ़ोत्तरी पर नजर डालें तो रोजाना ९-० पैसे से लेकर ४८-५० पैसे तक है। ऐसे में अगर औसतन अगर २५ पैसे की बढ़ोत्तरी प्रति दिन की पकड़ी जाए तो दिवाली तक पेट्रोल की कीमत १०० रुपए पर पहुंच जाए तो कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए।
तेल की बढ़ती कीमतों ने पूरे देश में कोहराम मचा दिया है। सरकार रोज-रोज पेट्रोल व डीजल के दाम बढ़ाती जा रही है। जनता का आक्रोश देखकर पेट्रोलियम मंत्री कहते हैं कि तेल की कीमतें सरकार के नियंत्रण में नहीं हैं। पिछले १८ दिनों से तेल का खेल जारी है और रोजाना कीमतें बढ़ाई जा रही हैं।
तेल का सेंसेक्स
पिछले १८ दिनों से पेट्रोल-डीजल की कीमतों के बढ़ने का सिलसिला चालू है। गत २४ अगस्त को पेट्रोल व डीजल में क्रमश: ९ व ८ पैसे की वृद्धि हुई थी। २६ अगस्त को यह ११ व १५ पैसे, २७ अगस्त को १३ व १५ पैसे, २८ अगस्त को १४ व १६ पैसे, २९ अगस्त को १३ व १५ पैसे, ३० अगस्त को १२ व १९ पैसे, ३१ अगस्त को २१ व ३० पैसे, १ सितंबर को १६ व २२ पैसे, २ सितंबर को १६ व ३६ पैसे, ३ सितंबर को ३१ व ४२ पैसे, ४ सितंबर को १६ व २० पैसे, ६ सितंबर को १९ व २२ पैसे, ७ सितंबर को ४८ व ५५ पैसे, ८ सितंबर को ३८ व ४७ पैसे, ९ सितंबर को १२ व ११ पैसे, १० सितंबर को २३ व २३ पैसे की बढ़ोत्तरी की गई।