पेड बन सकते हैं पनौती!,  बरसात में हो सकता है हादसा  मनपा प्रशासन उदासीन

भिवंडी मनपा शहर को बरसात में बाढ़ से बचाने के लिए नाला व गटर सफाई में जुटी है लेकिन पेड़ों के गिरने से होनेवाले हादसों को लेकर उदासीन बनी हुई है। वृक्ष प्राधिकरण समिति के अभाव में बरसात से पहले अधिक भारवाले पेड़ों की कटाई व छंटाई तक नहीं की जा रही है। जिसकी शिकायत के बावजूद मनपा उद्यान विभाग इसे नजरअंदाज कर रहा है। इस कारण बारिश के दिनों में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। मतलब भिवंडी के पेड़ बरसात में भिवंडीकरों के लिए पनौती बन सकते हैं।
मालूम हो कि भिवंडी के तीन बत्ती, आसबीबी व लाहोटी कंपाउंड में पिछले हफ्ते तीन पेड़ अपनेआप रात के समय धराशायी हो गए, जिसके नीचे दबने के कारण कई रिक्शा व बाइक छतिग्रस्त हो गर्र्इं। हालांकि ये पेड़ रात में गिरे यदि दिन में गिरते तो बड़ी दुर्घटना घट सकती थी। सूत्र बताते हैं कि शहर में सैकड़ों ऐसे पेड़ हैं, जो खतरनाक हैं और जो बारिश के दौरान धराशायी हो सकते हैं जबकि बारिश से पहले नियमत: इन पेड़ों को छंटाई मनपा को करना चाहिए,ताकि बरसात में पेड़ों के गिरने के कारण कोई हादसा न हो। इतना ही नहीं मनपा की अनदेखी के कारण बड़े पेड़ की टहनियां लोगों के घरों में घुस रही हैं।