पेड़ों को जलाने से शिवसैनिकों में आक्रोश! वन अधिकारी निलंबित

आम लोगों की मदद से अंबरनाथ तहसील स्थित मांगरुल परिसर में लगाए गए एक लाख पेड़ों को जलाए जाने से आक्रोशित शिवसैनिकों ने शिवसेना सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के मार्गदर्शन में कोपरी स्थित मुख्य वन संरक्षक कार्यालय का सोमवार को घेराव किया। मुख्य वन संरक्षक राजेंद्र कदम से मिलकर दोषी अधिकारियों पर फौरन कड़ी कार्रवाई तथा पेड़ जलानेवालों को गिरफ्तार करने की मांग की। शिवसैनिकों के रुद्र अवतार को देखते हुए कदम ने बदलापुर के आरएफओ चंद्रकांत शेलके को फौरन निलंबित कर दिया तथा उपमुख्य वन संरक्षक डॉ. जीतेंद्र रामगावकर के विरुद्ध जांच कर एक हफ्ते के अंदर जांच रिपोर्ट शासन को भेजने का आदेश दिया। इसके अलावा कदम ने वृक्षारोपण अभियान के तहत लगाए गए पेड़ों की थर्ड पार्टी ऑडिट कराने तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग मान ली। उल्लेखनीय है कि ५ जुलाई २०१७ को अंबरनाथ तहसील के मलंग गढ़ परिसर के मांगरुल गांव स्थित वन विभाग की ८० एकड़ जमीन पर लोगों की सहभागिता से एक दिन में एक लाख  पेड़ लगाने का अभियान चलाया गया था। १५ हजार से अधिक लोगों ने भाग लेकर एक लाख पेड़ लगाए थे। वन विभाग द्वारा लगातार बढ़ती लापरवाही के चलते भूमाफियाओं के इशारे पर असामाजिक तत्वों ने पेड़ों को जला दिया। पिछले हफ्ते लगाई गई आग से ७० प्रतिशत पेड़ जल कर राख हो गए। इस घटना के बावजूद वन विभाग असामाजिक तत्वों पर न तो किसी तरह की कार्रवाई की और न हे सुरक्षा के कोई कदम उठाए।