" /> पैरा मेडिकल स्टाफ की भर्ती : रेलवे ने लिया ‘व्हॉट्स ऐप’ पर इंटर्व्यू

पैरा मेडिकल स्टाफ की भर्ती : रेलवे ने लिया ‘व्हॉट्स ऐप’ पर इंटर्व्यू

पश्चिम रेलवे ने पैरा मेडिकल स्टाफ की भर्तियों के लिए व्हॉट्स ऐप पर इंटर्व्यू लिया हैं। पहले बैच का इंटर्व्यू होने के बाद 126 नर्सें ड्यूटी जॉइन करेंगी। पश्चिम रेलवे को 75 नर्सिंग स्टाफ और 51 हॉस्पिटल अटेंडेंट की ज़रूरत है। जगजीवन राम अस्पताल को कोरोना अस्पताल घोषित करने के बाद 51 मरीज भर्ती किए जा चुके हैं, इनमें से 44 संक्रमित हैं। इनमें रेलवे के स्टाफ भी शामिल हैं।

बता दें कि कोरोना संक्रमण की लड़ाई में फील्ड पर लगे स्टाफ के संक्रमित होने की खबरें सरकार की चिंता बढ़ा रही है। डॉक्टर, पुलिस, नेता, मीडियाकर्मी, नौ सेना के जवान के बाद अब आरपीएफ के दो जवान संक्रमित होने की खबर आ रही है। दूसरी ओर मध्य रेलवे के दो डॉक्टर भी कोरोना वाइरस से संक्रमित हुए। बताया जा रहा है कि दोनों ही डॉक्टर कोविड-19 मरीजों की ड्यूटी में लगे हुए थे।

दो बार शिकायत के बाद हुआ टेस्ट
आरपीएफ के अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पश्चिम रेलवे के दो जवान पहले ही कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इसकी वजह कहीं न कही रेलवे द्वारा बरती जा रही लापरवाही भी है।आरपीएफ के पहले जवान को जब खासी की शिकायत हुई थी तब वह नायर अस्पताल गया था जहां डॉक्टरों ने उसे दवाई देकर आराम करने की सलाह दी थी। आराम न होने पर दूसरी बार जब जवान को अधिक शिकायत हुई तो उसे जांच के लिए जगजीवन राम अस्पताल में भेजा गया था। वहां भी डॉक्टरों ने केवल दवाई देकर घर भेज दिया था। तीसरी बार स्थिति अधिक गंभीर होने पर जब उसे जग जीवन राम अस्पताल में दोबारा लाया गया तब उस आरपीएफ जवान की कोरोना जांच की गई जिसमें उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है। इसी तरह जब दूसरे आरपीएफ जवान को खासी और बुखार की शिकायत हुई थी तब वह जगजीवन राम अस्पताल इलाज के लिए आया था लेकिन कोरोना जांच न करते हुए उसे दवाइयां देकर आराम करने की सलाह डॉक्टरों ने दी थी। आराम न होने पर दूसरी बार अस्पताल आने पर उस जवान का कोरोना टेस्ट किया गया, जिसमें उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है। फिलहाल दोनों जवानों का इलाज रेलवे के जग जीवन राम अस्पताल में हो रहा है।