पैसेंजर बदनाम हुए गर्दुल्ले तेरे लिए, प्रीमियम ट्रेनों पर नशे का नश्तर

लंबी दूरी की प्रीमियम ट्रेनों में यात्रियों की सुविधा के लिए उपलब्ध कराई जानेवाली सामग्रियों की चोरी अक्सर चर्चा का विषय बनती है। बीते ३ वर्षों में रेलवे को ऐसी चोरियों के कारण ४ हजार करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान भुगतना प़ड़ा है। इन चोरियों के लिए रेलवे हमेशा यात्रियों को जिम्मेदार ठहराती रही है लेकिन अब पता चला है कि रेल संपत्तियों की चोरी के मामले में रेल यात्री मुफ्त में बदनाम होते हैं। खासकर शौचालयों में लगनेवाले नलों एवं अन्य फिटिंग्स की चोरी के मामले में रेलवे टर्मिनस से संबंधित यार्ड के आसपास रहनेवाले गर्दुल्ले जिम्मेदार होते हैं, ऐसा आरपीएफ की जांच में सामने आया है।

बता दें कि पश्चिम रेलवे ने अप्रैल से सितंबर, २०१८ के बीच करीब ६२ लाख रुपए के चद्दर, तौलिए, तकिए, कंबल, नल और मग्गे इत्यादि की चोरी का दावा किया था। ३ अप्रैल को बांद्रा टर्मिनस आरपीएफ ने सांताक्रुज-पूर्व के गोलीबार स्थित नेहरू नगर निवासी ३५ वर्षीय गर्दुल्ले अनवर रज्जाक शेख को उस समय रंगेहाथों दबोच लिया था, जब वह यार्ड में खड़ी बांद्रा-भुज एक्सप्रेस ट्रेन के (एसी कोच) शौचालय से १० नग नल और ८ नल शॉवर चुराकर भाग रहा था। वहां गश्त कर रहे सिपाही देवेंद्र कुमार तथा एएसआई देवेंद्र कुमार ने सतर्कता दिखाते हुए अनवर को दबोच लिया। बताया जा रहा है कि अनवर को इससे पहले वर्ष २०१५ में ऐसी ही चोरी के मामले गिरफ्तार किया गया था लेकिन तब वह महज ६ वर्षों में जेल से रिहा हो गया था। बताया जा रहा है कि अनवर ने पहले भी कई बार इसी तरह चोरी की बात पूछताछ में कबूली है। वह नशे के लिए ८०० से १,२०० रुपए कीमत के नल व दूसरी सामग्रियां ३० से ४० रुपए में कबाड़ी को बेच देता था।