प्यार व्यापार

प्यार इस दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण चीज है। दुनिया के तमाम बड़े संत, महंत, महात्मा और दार्शनिक सतत् इस बात को कहते हैं कि यह दुनिया प्रेम पर टिकी हुई है। प्रेम और प्यार को हमारे यहां बहुत महत्व दिया जाता है लेकिन मुश्किल यह है कि यह महत्व केवल किताबों तक ही सीमित रहता है जहां पर प्रैक्टिकल की बात आती है, प्यार एक अपराध के रूप में हमारे सामने आने लगता है। हरियाणा प्रदेश में प्यार करनेवाले जोड़े तो पेड़ों पर लटके पाए जाते हैं। दुर्भाग्य से प्यार का दायरा हमारे समाज में बहुत संकुचित कर दिया गया है जहां केवल एक लड़के और लड़की के संबंध को ही प्यार माना जाने लगा है जबकि प्यार बहुत उदात्त होता है। प्यार की महिमा बहुत बड़ी होती है। वैसे प्यार के बहुत सारे तरीके भी हैं और प्यार की बहुत सारे श्रेणियां भी हैं जैसे कंजूस अपने धन से प्यार करता है, माता अपनी संतानों से प्यार करती है पिता अपने घर परिवार से प्यार करता है सैनिक देश से प्यार करता है, और नौजवान किसी नौजवान कन्या से प्यार करता है।, प्यार के कई आयाम भी हैं। कुछ लोग प्यार में सब कुछ लुटा कर भिखारी बन जाते हैं और कुछ प्यार का दिखावा करके धनवान हो जाते हैं। मीरा ने अपने कान्हा से प्यार करके सारी दुनिया छोड़ दी और माल्या ने लोगों के धन से प्यार करके अपने देश छोड़ दिया। कहते हैं कोई अगर अपने कार्य से प्रेम करने लगे तो दुनिया में सब कुछ पा सकता है। प्रेम और समर्पण के द्वारा हम दुनिया की किसी भी चीज को प्राप्त कर सकते हैं। प्यार के बारे में एक मशहूर शायर का कहना है, ‘यह इश्क नहीं आसां, बस इतना समझ लीजे एक आग का दरिया है और डूब के जाना है। बहुत सारे कवियों ने भी कहा है कि प्रेम की डगर बहुत कठिन होती है लेकिन मेरे विचार से प्रेम की डगर बहुत सरल होती है अगर वह पूर्ण समर्पण के भाव से किया जाए।