" /> प्यार से बनाएं मूंगदाल का हलवा

प्यार से बनाएं मूंगदाल का हलवा

लज्जतदार व्यंजनों की खुशबू अपने आप ही लोगों के मुंह में पानी ला देती है। खासकर त्यौहार व किसी पारिवारिक समारोहों के दौरान लोग घर में कई प्रकार के पकवान बनाते हैं, जिनमें श्रीखंड, आम या अंगूरी का श्रीखंड, मालपुआ, गुझिया, खीर, कांजी बड़ा, पूरन पोली, कचौरी, पपड़ी, मूंग हलवा आदि व्यंजन घरों में मुख्य रूप से तैयार किए जाते हैं, जिसकी तैयारी गृहिणियां हफ्तेभर पहले से शुरू कर देती हैं। बाजार में बिकनेवाले खाद्यपदार्थों में मिलावटी वस्तुओं के इस्तेमाल के कारण स्वास्थ्य बिगड़ने का खतरा बनता है, जिसके चलते कभी मावे में मिलावट तो कभी घी-तेल में मिलावट की खबर सुनने को मिल जाती है लेकिन घर पर बने हुए पकवानों में मिलावट होने का सवाल ही नहीं उठता। ऐसे में घर पर व्यंजन बनाना ही स्वास्थ्य के हिसाब से ज्यादा लाभदायी होते हैं। मूंगदाल के हलवे की त्यौहारों से लेकर शादी-विवाह तक इसकी धूम रहती है। मूंग की दाल का हलवा बच्चे से लेकर बड़े तक शौक से खाते हैं। आप भी मूंग की दाल का हलवा बनाने की विधि ट्राई करके देखें। हमें उम्‍मीद है कि मूंगदाल हलवा रेसिपी आपको जरूर पसंद आएगी।
आवश्यक सामग्री : मूंग की धुली दाल-१०० ग्राम, देशी घी-१०० ग्राम, शक्कर-१५० ग्राम,
मावा/खोया-१०० ग्राम, काजू-२० (बारीक कतरे हुए), किशमिश-२० नग, बादाम-१० नग (बारीक कतरे हुए), छोटी इलाइची-५ नग (छीलकर पिसी हुई)।
मूंगदाल हलवा बनाने की विधि : मूंगदाल हलवा बनाने के लिए सबसे पहले मूंग की दाल को धो लें और उसे तीन घंटे के लिए पानी में भिगो दें। तीन घंटे बाद दाल को धुलकर उसका पानी निकाल दें और उसे मिक्सी में हल्का महीन पीस लें। अब कढ़ाई को गैस पर गरम करें। कढ़ाई गर्म होने पर उसमें देशी घी डालें। घी के पिघलने पर उसमें दाल डालें और मीडियम आंच पर चलाते हुए दाल को भूनें। लगभग २०-२५ मिनट में दाल घी छोड़ देगी और वह कढ़ाई से भी नहीं चिपकेगी। ऐसा होने पर दाल को किसी बर्तन में निकाल कर रख दें। अब कढ़ाई में मावा (खोया) डालें और उसे भी चलाते हुए हल्का भून लें। मावा भुनने के बाद उसे भी निकाल लें और दालवाले बर्तन में रख दें। उसके बाद एक बर्तन में शक्कर लें और चीनी के बराबर पानी डालें तथा उसे गर्म करें। पानी को अच्छी तरह से उबालें और उसकी चाशनी बना लें। चाशनी बनने पर उसे गैस से उतार लें। अब कढ़ाई को दुबारा गैस पर रखें और उसमें दाल का मिश्रण तथा चाशनी डाल दें और धीमी आंच पर चलाते हुए पकाएं। लगभग छह से सात मिनट में चाशनी और दाल आपस में अच्छी तरह से मिल जाएगी। उसके बाद गैस बंद कर दें और मूंगदाल हलवा बनाने की विधि कंप्लीट हो गई। अब आपका मूंगदाल हलवा रेडी है। बस इसे काजू, किशमिश, बादाम और पिसी इलाइची से गार्निश करें और सर्व करें। वैसे इसे आप प्रिâज में रखकर एक सप्ताह तक इसका सेवन कर सकते हैं।
मूंग के औषधीय गुण
मूंगदाल के कई फायदे हैं। मूंगदाल का प्रयोग कई तरह के रोगों के इलाज में किया जाता है।
१. मूंग की दाल को उत्तम आहार माना गया है, जो पाचन क्रिया को दुरुस्त करती है और पेट में ठंडक पैदा करती है, जिससे पाचन और पेट में गर्मी बढ़ने की समस्या नहीं होती।
२. कब्ज की समस्या होने पर मूंग की छिलकेवाली दाल का सेवन बेहद लाभप्रद होता है, इसके सेवन से पेट साफ होने में मदद मिलती है।
३. मूंग की दाल में भरपूर मात्रा में फाइबर, आयरन, पोटैशि‍यम, वैâल्शियम, विटामिन बी कॉम्प्लेक्स और प्रोटीन होता है, जो शरीर में इन पोषक तत्वों की कमी को पूरा करते हैं, इसके अलावा अन्य पोषक तत्व भी इससे प्राप्त होते हैं।
४. शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर मूंग की दाल का सेवन लाभकारी होता है, यह अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल को शरीर से हटाने में मददगार होती है।
५. वजन कम करने की चाह रखनेवालों के लिए मूंगदाल का सेवन फायदेमंद साबित हो सकता है, इसमें १०० से भी कम वैâलोरी होती है और इसे खाने के बाद पेट भी लंबे समय तक भरा रहता है, जिससे आप अतिरिक्त वैâलोरी नहीं लेते।