" /> प्रवासी मजदूरों को गांव जानेवाले फॉर्म बेचने के नाम पर भिवंडी में मची है लूट

प्रवासी मजदूरों को गांव जानेवाले फॉर्म बेचने के नाम पर भिवंडी में मची है लूट

◼️ एक झेरॉक्स के 10 रूपए, एक फॉर्म 40 का रुपए वसूला जा रहा है
सरकार द्वारा प्रवासी मजदूरों को गांव भेजने के लिए व्यवस्था किए जाने की सुगबुगाहट मिलते ही कई झेरॉक्स मशीनवाले दुकानदार सक्रिय हो गए हैं, जो खुलकर मजदूरों का शोषण कर रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार भिवंडी महानगरपालिका के प्रभाग समिति की तरफ से एक नमूना फॉर्म बनाया गया है, जो प्रवासी मजदूर अपने गांव जाना चाहते हैं, उसमें उनका नाम, मोबाइल नंबर, गांव का पता, जिला तथा प्रदेश का नाम अंकित करके संबंधित पुलिस स्टेशन में जमा कराना है। कई प्रवासी मजदूरों ने बताया कि जिस फॉर्म को भरकर महानगरपालिका के प्रभाग कार्यालय में जमा कराना है, उस फॉर्म की एक झेरॉक्स कॉपी जो एक रुपए में निकाली जाती है, उसकी कीमत दुकानदार 10 रुपए वसूल कर रहे हैं। इसी तरह कई दुकानदार और तथाकथित स्वयंसेवी कार्यकर्ता बने दलाल कम पढ़े-लिखे मजदूरों से मजबूरी का फायदा उठाकर एक फॉर्म की कीमत 10 रुपए से लेकर 40 रुपए वसूल रहे हैं। बेरोजगारी, भुखमरी से बेहाल गरीब मजदूर अपने गांव जाने के लिए इतने बेताब और परेशान हैं कि वे गांव जाने की व्यवस्था के लिए कुछ भी कीमत देने को तैयार हैं। कई ठग और दलाल टाइप के लोग फॉर्म भरने के लिए मजदूरों से ₹5 से लेकर ₹20 तक वसूलना शुरू कर दिए हैं। जगह जगह पर शहर में फॉर्म लेने के लिए लंबी कतारें लगी हुई हैं। कई जगहों पर नगरसेवक और राजनीतिक दलों के लोगों ने अच्छी व्यवस्था की है। सोशल डिस्टेंसिंग के द्वारा लोगों को स्वयं मुफ्त में उपलब्ध भी करा रहे हैं और तरीके से जमा भी करा रहे हैं। सूत्रों ने तो यहां तक बताया कि कई तथाकथित समाजसेवी दलालों ने तो बस की बुकिंग के भी पैसे वसूलने शुरू कर दिए हैं। आफत में फंसे बेरोजगार, भूखे, बदहाल मजदूरों का इस तरह से खुलेआम शोषण हो रहा है। बिचौलिए दलाल गरीब मजदूरों का शोषण कर पैसा कमाने में जुट गए हैं। प्रदेश कांग्रेस महासचिव तारीक फारूकी, नगरसेवक प्रशांत लाड, भिवंडी शहर जिला भाजपा अध्यक्ष संतोष शेट्टी ने कहा है कि शासन को चाहिए कि इन मजदूरों को मनपा प्रभाग समिति की तरफ से मुफ्त में फॉर्म उपलब्ध कराया जाए और उसे जमा करने के लिए हर वॉर्ड के जिम्मेदार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए और साथ ही इसे मीडिया में विज्ञापन द्वारा तथा क्षेत्र में मनपा प्रशासन द्वारा माइक से अनाउंसमेंट कर प्रचार-प्रसार कर मजदूरों को पूरी जानकारी दी जाए। इस कार्य को जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी में पूरी तरह से निशुल्क कराया जाना चाहिए। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र में यह फॉर्म तलाठी या ग्राम पंचायत कार्यालय से उपलब्ध कराया जाए और अधिकारियों की देख-रेख में यह फॉर्म भरा जाए, ताकि समाज में इस तरह शुरू हुए भ्रष्टाचार और खुली लूट को रोका जा सके। इस संबंध में बातचीत करने पर मनपा आयुक्त डॉ. प्रवीण आष्टीकर ने बताया कि मनपा कार्यालय की तरफ से केवल फॉर्म का नमूना बनाया गया है यह नमूना प्रवासी मजदूरों को स्वयं फॉर्म बनाकर भरना होगा और संबंधित पुलिस स्टेशन में जमा करना होगा। मजदूरों को गांव जाने के लिए व्यवस्था की जिम्मेदारी पुलिस विभाग को सौंपी गई है। मनपा प्रशासन गांव जानेवाले मजदूरों का मेडिकल चेकअप करेगा। मनपा आयुक्त ने यह स्पष्ट किया कि नमूना फॉर्म की कालाबाजारी करना, उसे बेचना या मजदूरों से पैसा वसूल करना यह पूरी तरह से गलत और  अपराध है।