" /> प्राइवेट अस्पतालों और दवाखानों के बंद होने पर मनपा प्रशासन की गिर सकती है गाज!

प्राइवेट अस्पतालों और दवाखानों के बंद होने पर मनपा प्रशासन की गिर सकती है गाज!

कोरोना संक्रमण से डरकर जिन डॉक्टरों ने अपना हॉस्पिटल या दवाखाना बंद करके घरों में दुबके हुए हैं, ऐसे डॉक्टरों से नई मुंबई मनपा द्वारा अपील की गई है कि जल्द से जल्द अपने दवाखानों को शुरू करें, अन्यथा उनके खिलाफ “मेस्मा” के तहत कार्रवाई करते हुए रजिस्ट्रेशन रद्द करने की चेतावनी दी गई है। हालांकि मनपा आयुक्त ने इससे पहले भी बंद दवाखानों को चेतावनी दी थी लेकिन कार्रवाई एक भी नहीं हुई।
नई मुंबई में लगभग 1,800 निवासी डॉक्टर हैं और करीब 200 के आस-पास छोटे-बड़े अस्पताल भी कार्यरत हैं। नई मुंबई शहर में कोरोना का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। बारिश के मौसम में और भी कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। कोरोना रोगियों की संख्या बढ़ रही है जबकि अस्पतालों में बेड अपर्याप्त होने के कारण बेड की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता को देखते हुए मनपा प्रशासन शहर के सात अन्य अस्पतालों को अपने अधीन लेने की तैयारी बना रहा है और उसका संचालन स्वयं करेगा। फिलहाल मनपा स्वास्थ्य विभाग ने बंद सभी दवाखानों और अस्पतालों की सूची तैयार करने की हिदायत सभी विभाग कार्यालयों को दी गई है। साथ ही मरीजों का उपचार करने से आनाकानी करनेवाले अस्पतालों की भी सूची तैयार की जा रही है।