प्राइवेट कंपनियां चलाएंगी पैसेंजर ट्रेन

रेल यात्रियों को बेहतर सेवाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से सरकार एक नई योजना पर काम कर रही है। इसके तहत सरकार कम भीड़ और पर्यटन से जुड़े रूटों पर चलनेवाली पैसेंजर ट्रेनों का संचालन प्राइवेट कंपनियो को सौंपने की तैयारी कर रही है। इसके लिए १०० दिनों में प्राइवेट कंपनियों से रेलवे बोर्ड बोलियां भी मंगवा सकता है। शुरुआती अनुभव के लिए भारतीय रेलवे बोर्ड आईआरसीटीसी को दो ट्रेनों के संचालन का जिम्मा सौंप सकता है।
बता दें कि वर्ष २०१५ में वित्त विशेषज्ञ बीबेक देबरॉय ने अपनी रिपोर्ट में रेलवे में कई बदलाव करने का सुझाव दिया था, जिसमें ट्रेनों के संचालन के लिए निजी कंपनियों को आमंत्रित करने का भी उल्लेख था। दशक भर पहले राकेश मोहन ने भी अपनी रिपोर्ट में रेलवे संचालन में बदलाव और निजी कंपनियों की साझेदारी का सुझाव दिया था। इस सुझाव को अमल में लाने की तैयारी में रेलवे प्रशासन जुट गया है। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वी.के. यादव की मानें तो जल्द ही रेलवे की ओर से निजी कंपनियों को बोली लगाने का मौका दिया जाएगा। इससे इस बात का पता चलेगा कि कौन-सी निजी कंपनियां महत्वपूर्ण शहरों में २४ घंटे चलनेवाली पैसेंजर ट्रेनों के संचालन का अधिकार हासिल करने के लिए आगे आ सकती हैं। शुरुआत में जिन दो ट्रेनों के संचालन का जिम्मा आईआरसीटीसी को सौंपा जा रहा है उसमें टिकट और ट्रेनों के अंदर की सेवाएं मुहैया कराने की जिम्मेदारी भी आईआरसीटीसी की होगी। इसके बदले में रेलवे को तय रकम मिलेगी। इसके अतिरिक्त रेलवे रैक की जिम्मदारी भी आईआरसीटी की होगी। ये ट्रेनें बड़े-बड़े शहरों को जोड़ते हुए स्वर्णिम चतुर्भज मार्गों पर चलेंगी।